कश्मीर में अशांति के पीछे पाकिस्तान, NIA करेगी बेनकाब

नई दिल्ली ( 7 नवंबर ) : कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अशांति है। इस अशांति के पीछे पाकिस्ताम का हाथ है। पाकिस्तान से इससे इनकार करता रहा है। ऐसे में अब पाकिस्तान का पर्दाफाश एनाआईए करेगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी, घाटी में हिंसा को बढ़ावा देने और आतंकवाद फैलाने में पाकिस्तानी संलिप्तता का पर्दाफाश करने की तैयारी में जुटी है।

इस महीने के अंत तक एजेंसी लश्करे-ए-तैयबा के आतंकी बहादुर अली के खिलाफ चार्जशीट दायर करने वाली है। अली वही आतंकी है जिसे वानी की मौत के कुछ दिन बाद 8 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में एनआईए यह बताएगी कि कैसे पाकिस्तानी सेना के मेजर और कप्तान न सिर्फ लश्करे-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पास पहुंचाते हैं, उन्हें घुसपैठ का रास्ता मुहैया कराते हैं और आधुनिक सैनिक उपकरण भी मुहैया कराते हैं बल्कि इसके साथ ही भारत में उनके मिशन की जानकारी भी देते हैं। वे इन आतंकियों को घुसपैठ कराने से पहले उनकी तैयारियों का भी जायजा लेते हैं।

अली द्वारा किए गए खुलासों के आधार पर एनआईए यह भी बताएगी कि कैसे लश्कर के मुखिया हाफिज सईद और उसका दामाद खालिद वाहिद PoK के मुजफ्फराबाद इलाके में पाकिस्तानी सेना की मदद से एक कंट्रोल रूम- अल्फा 3- भी स्थापित कर चुका है। इस कंट्रोल रूम से सीमा पार कर चुके आतंकियों को प्रदर्शनकारियों के साथ मिलने और फिर पत्थर फेंकने के निर्देश दिए जाते हैं। आतंकियों से यह भी कहा जाता है कि वे घाटी में हिंसा को बढ़ाने के लिए ग्रेनेड का भी इस्तेमाल करें।

एनआईए की जांच में यह बात भी सामने आई है कि एके-47 राइफल, असलाह और संचार उपकरण, जिसमें जापान में बना ICOM RT सेट भी शामिल है, केवल पाकिस्तानी सेना द्वारा ही मुहैया कराया जा सकता है।