NIA की छापेमारी और संदिग्धों की गिरफ्तारी में पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर): राष्ट्रीय जांच एजेंसी  यानी एनआईए के 10 संदिग्धों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई पर महबूबा मुफ्ती ने उंगली उठाई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे ऊपर है, लेकिन सुतली बम के आधार पर संदिग्धों को आतंकी घोषित करना और आईएस जैसे खूंखार संगठन से उनको जोड़ना जल्दबाजी है। इससे उनके परिवार बुरी तरह परेशान हैं। एनआईए को पुरानी घटनाओं से सीखना चाहिए जब कई आरोपी दशकों बाद बरी कर दिए गए थे।


महबूबा मुफ्ती के बयान पर जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा है कि राज्य की मुख्यमंत्री रही महबूबा मुफ्ती का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। रैना ने कहा कि महबूबा ने केंद्र सरकार पर एनआईए का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, लेकिन देशविरोधी बात करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ देश में सख्ती से निपटा जाएगा।



आपको बता दें कि 1 बुधवार को एनआईए ने यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर आईएस मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया था। एनआईए ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ़्तार किया था। एनआईए ने अमरोहा के मोहल्ला मुल्लाना मुफ्ती सुहैल, पचदरा में इरशाद, और नौगांवा सादात के गांव सैदपुर इम्मा निवासी रईस और सईद के घर छापेमारी की।  एनआईए ने आईएस के एन मॉड्यूल के सरगना सुहैल को नगर के मोहल्ला मुल्लाना स्थित अपने पैतृक घर से गिरफ्तार किया था जबकि सैदपुर इम्मा निवासी सईद, रईस और मोहल्ला पचदरा निवासी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया था। छापेमारी में दौरान टीम ने सरगना सुहैल और रईस व सईद के घर में भारी मात्रा में असलाह और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। एनआईए का ने अमरोहा की एक मस्जिद में मौलवी मुफ़्ती सोहेल को इस चरमपंथी समूह का सरगना बताया था। NIA का दावा है कि ये समूह आत्मघाती हमलों की तैयारी कर रहा था, वो आत्मघाती जैकेट बना रहे थे।



गिरफ्तार लोगों में 5 आरोपी यूपी के रहने वाले हैं। संदिग्धों के पास से 7.5 लाख रुपये, 100 मोबाइल फोन, 135 सिमकार्ड्स, लैपटॉप और मेमोरी कार्ड्स जब्त किए गए हैं। 120 अलार्म घड़ियां भी बरामद की गई हैं। एनआईए का कहना है कि आतंकी संगठन से जुड़े संदिग्ध सेल्फ फंडिंग करते थे. कुछ लोगों ने घर का सोना चोरी करके बेचा. इसी से बम बनाने के उपकरण और विस्फोटक खरीदे गए. इनकी जल्द ही धमाके करने की साजिश थी।