BREAKING: 'दूसरा कसाब' खोलेगा उरी हमले के राज

नई दिल्ली (22 सितंबर): उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले को लेकर एनआईए हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास करने में लगी है। वह हर सबूत को ध्यान में रखकर इसकी जांच कर रही है। इसी को देखते हुए कहा जा रहा है कि एनआईए जिंदा पकड़े आतंकी बहादुर अली से भी इस मामले में पूछताछ कर सकती है।

सूत्रों ने बताया कि एनआईए को कुछ जानकारी मिली है, जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि बहादुर अली उरी हमले में काफी कुछ राज उगल सकता है। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने बॉर्डर पार अपने आकाओं से बात करने के लिए जिन डिजिटल कोड का प्रयोग किया था, उन्हें बहादुर अली डिकोट कर सकता है। आतंकियों ने कोड का प्रयोग अपनी लोकेशन को छूपाने के लिए भी किया।   - उरी हमले के आतंकी भी पठानकोट आतंकियों की तरह की प्रश‍िक्षत थे। - उरी में इन आतंकियों का पहुंचना कोई आसान नहीं था, जिसका जांच टीम पता लगाने में लगी है। - इन आतंकियों के पास से जीपीएस भी मिले हैं, लेकिन इन्होंने अपनी हर लास्ट लोकेशन को भी डिलीट किया कर दिया है। - आतंकियों के पास से जापान के बने सेटेलाइट फोन बरामद किए गए हैं। - इन सेटेलाइट फोन को चलाने के लिए विशेष प्रशक्षिण की आवश्कता होती है।   - इसी के साथ सूत्रों का कहना है कि ऐसे भी संकेत मिले हैं कि इन्हें चलाने के लिए आतंकियों को पाकिस्तान की सेना ने स्पोर्ट किया था। - आतंकियों के पास से जो दो रेडियो सेट बरामद हुए हैं, उसने से एक बुरी तरह से जल गया। - जाचं एजेंसी ने इस रेडियो सेट को दिल्ली में राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) भेजा है, ताकि इसकी radio frequency का पता लगाया जा सके।