हैदराबाद से गिरफ्तार संदिग्ध IS आतंकियों को मिडिल-ईस्ट से होती थी फंडिंग

नई दिल्ली (3 जुलाई): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीते 29 मई को हैदराबाद में पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनपर आईएस मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप है। संदिग्धों से पूछताछ में अब कई खुलासे सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक खुलासा हुआ है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इन्हें मिडिल-ईस्ट के देशों से हवाला के जरिए फंड मिलता था। एनआईए आईजी संजीव कुमार ने इसकी जानकारी दी है।

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से एक संदिग्ध ने पड़ोसी देश से होते हुए सीरिया जाने की कोशिश भी की थी। संजीव कुमार ने बताया, "गिरफ्तार लोगों ने मिडिल-ईस्ट से कई मौकों पर हवाला और रेग्युलर मनी ट्रांसफर चैनल के जरिए पैसा लिया था।"

उन्होंने बताया, "इन ट्रांजैक्शन के सोर्स पर हमें शक है। इनकी जांच की जा रही है। ये लोग बम बनाने के लिए हैदराबाद के पास ठिकानों की तलाश कर रहे थे। इनका इस्तेमाल वे धमाकों के बाद छिपने के लिए भी करने वाले थे।"

आईजी संजीव ने बताया, "इन लोगों ने आईएस और इसके कमांडर बगदादी के लिए काम करने की कसम भी खाई थी। इनके अलावा दूसरे संदिग्धों के रोल की भी जांच की जा रही है। इनसे जब्त किए गए सामान का एनालिसिस किया जा रहा है।"

बता दें, खुफिया इनपुट के बाद एनआईए ने पिछले बुधवार को हैदराबाद के अगल-अलग इलाकों से आईएस के 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद 6 लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन दो कम्प्यूटर इंजीनियर भाइयों समेत 5 को अरेस्ट कर लिया गया। एनआईए की जांच में ये सामने आया कि संदिग्धों ने घर के किचन और बेसमेंट में विस्फोटक छिपाया था। इनपर आरोप है कि ये सभी सीरिया में बैठे आईएस के एक हैंडलर के संपर्क में थे। भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए संदिग्धों को 15 से 20 लाख रुपए और लैपटॉप दिए गए थे।