एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी, सोमवार को फिर हो सकता है साइबर अटैक

नई दिल्ली ( 15 मई ): दुनियाभर के 99 देशों पर हुए साइबर अटैक के बाद एक बार फिर सुरक्षा शोध से जुड़ी ब्रिटेन की संस्था "मैलवेयर टेक" ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार को हुए वैश्विक हमले के बाद सोमवार को दूसरा बड़ा साइबर हमला हो सकता है। शुक्रवार को हुए वैश्विक हमले से दुनियाभर के 1,25,000 से ज्यादा कंप्यूटर सिस्टम संक्रमित हो गए थे।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मैलवेयर टेक ने ही रैनसमवेयर हमले को सीमित करने में मदद की। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक डोमेन का पंजीकरण कराए जाने के बाद मैलवेयर टेक का "आकस्मिक हीरो" के तौर पर स्वागत किया गया। मैलवेयर टेक अपनी पहचान जाहिर करना नहीं चाहता। रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति ने रविवार को कहा, "हमने इसे रोक दिया है, लेकिन कोई दूसरा आ रहा है और इसे हम नहीं रोक पाएंगे।"


यूरोपीय संघ पुलिस "यूरोपोल" के प्रमुख रोब वेनराइट ने जानकारी दी कि यह वायरस स्पेन, फ्रांस और रूस सहित 150 देशों में फैल गया और दो लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को जब लोग काम पर लौटेंगे तो प्रभावितों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। बता दें कि कंप्यूटरों को नियंत्रण में लेने के बाद वायरस ने एक संदेश प्रस्तुत किया, जिसमें फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए डिजिटल करेंसी बिटक्वाइन में फिरौती की मांग की गई।


संवेदनशील अधोसंरचना एजेंसियां जिसमें बैंक, हवाई अड्डे, टेलीकॉम नेटवर्क, शेयर बाजार आदि शामिल हैं, से कहा गया है कि वे रैनसमवेयर साइबर हमले "वान्नाक्राय" से बचाव के लिए निगरानी बढ़ाएं। साथ ही बचाव के लिए सावधानियां बरतें। भारत की साइबर सुरक्षा इकाई इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) को अभी किसी बड़े हमले की सूचना नहीं मिली है। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा जारी सॉफ्टवेयर पैच के लिए जिन्होंने आवेदन दे दिया है उन्हें चिंता की जरूरत नहीं है। इससे सुरक्षा हो सकेगी।