बढ़ते प्रदूषण पर NGT ने केंद्र, केजरीवाल को फटकारा

नई दिल्ली(4 नवंबर): नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT)ने राजधानी दिल्ली में स्मॉग पर ठोस कदम नहीं उठाने के लिए दिल्ली और केन्द्र सरकार फटकार लगाई है। NGT ने सरकार से पूछा आखिर प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। NGT ने साथ ही दिल्ली सरकार को 10 साल पुराने डीजल वाहन बंद करने को कहा है।

NGT ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ने पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के सचिवों को भी तलब किया है। गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में अभी हवा का प्रदूषण 6 गुना ज्यादा है। दिल्ली में सांस लेने वाले लोगों के भीतर रोज करीब 40 सिगरेट धुआं जा रहा है।

NGT ने दिल्ली सरकार को राजधानी की सड़कों पर 10 साल पुरानी डीजल वाहनों को बंद करने को कहा है। गौरतलब है कि पंजाब-हरियाणा में जलाई जा रही पराली के कारण राजधानी दिल्ली में लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। दिवाली के बाद अबतक राजधानी की हवा बेहद प्रदूषित हो गई है। दिल्ली सरकार ने NGT को बताया कि वायु प्रदूषण हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में फसल जलाये जाने का कारण हुआ है।

दिल्ली में धूल, गाड़ियों का धुआं और दीवाली के पटाखों से प्रदूषण फैला है और हवा नहीं बह रही लेकिन प्रदूषण की एक बड़ी वजह पास के राज्यों में फसल के पुराली का जला देना भी है। दीवाली के आसपास ही धान की फसल भी कटती है जिसके बाद बचा हुआ पुआल किसान खेतों में ही जला देते हैं।

हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ये दो तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में इन राज्यों में जगह-जगह बड़े पैमाने पर लगाई आग अब भी जल रही है। हालांकि पराली जलाने के लिए किसान अपना तर्क दे रहे हैं।

दिल्ली में बुधवार को दिनभर धुंध छाई रही और गुरुवार को भी धुंध का यही हाल रहा था। यह लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। धुंध की वजह से दिल्ली में विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। नवंबर के महीने में इतनी कम विजिबिलिटी पिछले कई सालों में नहीं रही। बुधवार को एयर क्वालिटी इतनी खराब थी कि इसकी तुलना दिवाली के अगले दिन देखने को मिले प्रदूषण के स्तर से की जा सकती थी।