...श्रीश्री के कार्यक्रम पर एनजीटी की 'नजर'

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (11 फरवरी): आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में दिल्ली में 11 से 13 मार्च तक होने वाले विश्व सांस्कृतिक समारोह पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मयूर विहार में यमुना के तट के निकट चल रही कार्यक्रमों की तैयारियों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रिपोर्ट तलब कर ली है।

एनजीटी ने दिल्ली सरकार, डीडीए और आर्ट ऑफ लिविंग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जबाव देने को भी कहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियों की वजह से यमुना तट पर खासा काम चल रहा है, जो यमुना तट को प्रभावित कर रहा है। 

मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने डीडीए के वकील को मौके का दौरा कर रिपोर्ट एक सप्ताह में देने को कहा है। बता दें कि अगले महीने आर्ट ऑफ लिविंग एक तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। इसमें संस्था के मुखिया श्रीश्री रविशंकर मौजूद रहेंगे। 

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसमें विश्वभर के 155 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम अलग-अलग सत्रों में होगा। पहले दिन विभिन्न देशों के राजनीति प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। दूसरे दिन संत समागम होगा, जो विश्व शांति व अनेकता में एकता का संदेश देंगे। 

इनके अलावा फिल्मी सितारे भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। समारोह के दौरान विभिन्न प्रांतों के कलाकार लोककला की छटा बिखरेंगे। राजस्थान के विभिन्न स्थानों के करीब 1000 कलाकार घूमर से राजस्थानी कला संस्कृति का परचम लहराएंगे। पंजाब का भंगड़ा, गुजरात का गरबा भी होगा। समापन पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी शिरकत करेंगे।