एनजीओ माने जाएंगे पब्लिक सर्वेंट, लोकपाल करेगा खातों की जांच

नई दिल्ली (25 जुलाई): भारत के ऐसे सभी एनजीओ जो सरकार से एक करोड़ रुपये या इससे ज्यादा की मदद ले चुके हैं, उनके पदाधिकारी जनसेवकों की श्रेणी में गिने जायेंगे। ऐसे सभी एनजीओ के पदाधिकारियों को अपने एंव अपने परिवारिक जनों के बैंक खातों की जानकारी सरकार को देनी होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि ऐसे सभी एनजीओ लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आयेंगे।

हालांकि कुछ एनजीओ का कहना है कि वो सरकार के नये कायदे कानूनों को चुनौती देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसका समाधान निकल आयेगा।