राहिल जाएंगे, कौन होगा पाकिस्तान का अगला सैन्य प्रमुख?

शैलेश कुमार, नई दिल्ली(24 सितंबर): पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल रहील शरीफ 28 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। पाकिस्तान के इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन ने कुछ समय पहले जनरल रहील शरीफ के हवाले से साफ किया था कि जनरल रहील शरीफ सर्विस एक्सटेंशन नहीं लेगें । आखिर क्या वजह है कि जनरल रहील शरीफ अपने पूर्ववर्ती सेना अध्यक्ष परवेज मुशर्रफ और अशफाक परवेज कयानी की तरह दुबारा चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ नहीं बनना चाहते?

क्या जनरल की बात पर यकीन किया जा सकता है। जिस तरह जनरल रहील शरीफ आतंकवादियों से हिंदुस्तान में हमला करवा माहौल खराब कर अपने आर्मी चीफ बने रहने का रास्ता ढ़ूढ़ रहे हैं, उससे तो यही लगता है। यही नहीं अमेरिका जनरल शरीफ की सुनता नहीं इसलिए बार बार रूस जा रहे हैं.. कुछ कामयाबी मिली है पहली पाकिस्तान और रूस के संयुक्त युद्धअभ्यास के रूप में। लेकिन जनरल रहील शरीफ क्या परवेज मुशर्रफ या अशफाक कयानी की तरह दुबारा आर्मी चीफ के पद पर बने रहेगें... ये एक बहुत बड़ा सवाल है। बहरहाल पाकिस्तानी सेना में मौजूदा टॉप 29 लेफ्टीनेंट जनरल्स में से कौन आर्मी चीफ बनेगा इस पर कयास लगाया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना का सेनापति कोई भी बने, रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक वो भारत के खिलाफ पाकिस्तानी गतिविधियों को जारी रखेगा। न्यूज 24 आज आपको पाकिस्तान के उन दस लेफ्टीनेंट जनरलों से रूबरू करा रहा है जो पाकिस्तान आर्मी चीफ  बनने के लिए कतार में हैं । इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान आर्मी चीफ बनने के लिए सीनियोरिटी जरूरी नहीं है। मौजूदा आर्मी चीफ पर ही ज्यादातर निर्भर होता है कि वो अपना उत्तराधिकारी किसे चुनता है। 

1) लेफ्टीनेंट जनरल अश्फाक नदीम अहमद- सीनियॉरिटी में पांचवे नंबर पर है लेकिन सेनाअध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे। लेफ्टीनेंट जनरल नदीम मौजूदा समय में मुल्तान की फोर कोर के कमांडर हैं। 2013 से 2015 के बीच चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ के पद पर रह चुके हैं । लेफ्टीनेंट जनरल बनने से पहले वो दो साल तक पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल मिलीट्री ऑपरेशन्स थे ।  जनरल नदीम ने स्ट्राईक इंफेंटरी डिवीजन की कमान भी संभाली थी और स्वात वैली में सफल मिलीट्री ऑपरेशन्स भी किये थे। बतौर ब्रिगेडियर जनरल नदीम अहमद मंगला कोर के चीफ ऑफ स्टॉफ भी रह चुके हैं। लेफ्टीनेंट जनरल अश्फाक नदीम को 8 अगस्त 2017 को रिटायर होना है। 

2) लेफ्टीनेंट जनरल जुबेर महमूद हयात- आर्टीलरी आफीसर जनरल हयात सीनियोरिटी में दूसरे नंबर पर हैं और सेना अध्य़क्ष बनने के लिए भी दूसरे नंबर पर ही हैं। फिलहाल वो पाकिस्तानी सेना के हैडक्वार्टर जीएचक्यू रावलपिंडी में चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ हैं। जनरल ज़बेर हयात बहावलपुर कोर कमांडर और पाकिस्तान की न्यूक्लियर कमांड़ अथॉरिटी में डायरेक्टर जनरल स्ट्रेटिजिक प्लान डिविजन रह चुके हैं। सियालकोट जीओसी रह चुके जनरल ज़ुबेर हयात 13 जनवरी को रिटायर होने वाले हैं। 

3) लेफ्टीनेंट जनरल इकबाल रामदे- मौलाना मसूद अजहर के जैश - ए- मौहम्मद के हैडक्वार्टर बहाबलपुर की ही 31 कोर कमांडर जनरल रामदे इससे पहले नेशनल डिफेंस युनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट रह चुके हैं। स्वात वैली में पाकिस्तान की मुखालफत वाले आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन राह - ए- निजत के दौरान जनरल इकबाल रामदे को स्नाईपर बुलेट लगी। 19 वी डिवीजन के जनरल ऑफीसर कमांडिंग फ्रंट से लीड़ करने के लिए जाने जाते हैं और आर्मी चीफ बनने के लिए पहले तीन दावेदारों में से एक हैं। 

4) लेफ्टीनेंट जनरल मकसूद अहमद- 29 नवंबर को चौथे सबसे सीनियर लेफ्टीनेंट जनरल होगें। फिलहाल अभी अमेरिका में हैं। जनरल मकसूद अहमद यूनाईटेड नेशन के पीस कीपिंग ऑपरेशन में बतौर मिलीट्री एडवाईजर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होने यूएन की नौकरी से पहले जनवरी से अगस्त 2013 तक  लाहोर वाली फोर कोर कमांड़ की है। वो मुरी की इंफेंट्री डिवीजन के मुखिया भी रह चुके हैं। लाहोर पोस्टिंग से पहले तक वो खुफिया एजेंसी आईएसआई के डायरेक्टर जनरल भी रह चुके हैं। जनरल मकसूद जनवरी 2017 में रिटायर होंगें।

5) लेफ्टीनेंट जनरल सयैद वाजिद हुसैन- वैसे तो सीनियोरिटी लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं लेकिन उन्होने अभी तक कोई कोर कमांड़ नही की है। हालफिलहाल वो हैवी इंडस्ट्री तक्षशिला के चेयरमैन हैं। जबकि इससे पहले वो नौसेरा स्तिथ आर्मर स्कूल के कमांडांट भी रह चुके हैं। जनरल हुसैन वायस चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ भी रह चुके हैं। लेफ्टीनेंट जनरल हुसैन भी जनरल मकसूद अहमद के साथ ही रिटायर होगें।

6) लेफ्टीनेंट जनरल नजीब उल्लाह खान- सीनियॉरिटी में चौथे नंबर पह हैं। फिलहाल वो चकलाला हैडक्वार्टर में डीजी ज्वाईंट स्टॉफ हैं। वो खारिंया में पहले जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी रह चुके हैं। जनरल खान जीएचक्यू रावलपिंडी में इंजीनियर इन चीफ और फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाईजेशन में डायरेक्टर जनरल भी रह चुके हैं। इंजीनियर कोर से ताल्लुक रखने वाले जनरल नजीब खान 13 जनवरी 2027 में रिटायर हो रहे हैं।

7) लेफ्टीनेंट जनरल मजहर जमील- आर्टीलर ऑफीसर जनरल जमील मौजूदा समय में पाकिस्तान के न्यूक्लियर कॉम्पलैक्स में बतौर डीजी स्ट्रेटिजिक प्लांस डिवीजन तैनात हैं। इन्होने अप्रेल 2015 में लेफ्टीनेंट जनरल जुबैर हयात से कमान संभाली थी। जनरल मजहर जमील पूर्व पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल अशफाक कयानी के काफी करीबी समझे जाते हैं। कयानी ने ही उन्हे उनके चार सीनियरों को दरकिनार कर लेफ्टीनेंट जनरल बनाया था। सिंतबर से दिसंबर 2013 तक मिलीट्री सेक्रेटरी औऱ  2012 से 2013 तक वो वायस चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ रह चुके हैं। मई 2011 में जिस वक्त अमेरिकी नेवी सील ने अबोटाबाद में पीएमए के पास ओसामा बिन लादेन के लिए कोवर्ट ऑपरेशन किया था उस वक्त जनरल जमील अबोटाबाद में गैरीसन कमांडर थे और काकुल में पाकिस्तान मिलिट्री अकेडिमी के कमांडांट थे। 

8) लेफ्टीनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा- भी पाकिस्तान आर्मी चीफ बनने के लिए कतार में हैं। पहले वो रावलपिंडी कोर के कमांडर रह चुके हैं। औऱ फिलहाल जीएचक्यू में ट्रेनिंग एंड ईवेल्युशन के इंस्पेक्टर जनरल हैं। ये वही पद है जिस पर जनरल रहील शरीफ भी रह चुके हैं। 

9) लेफ्टीनेंट जनरल रिजवान अख्तर - मौजूदा आईएसआई चीफ जो आर्मी चीफ जनरल रहील शरीफ के काफी करीबी हैं। जबकि जनरल रिजवान अख्तर इंटेलीजेंस बैकग्राउंड के नहीं है और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ लेफ्टीनेंट जनरल नवीद जमां को आईएसआई चीफ बनाना चाहते थे, बाबजूद इसके आर्मी चीफ जनरल शरीफ ने रिजवान अख्तर को चुना। आधिकारिक तौर पर आईएसआई चीफ प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है, लेकिन हकीकत में आर्मी चीफ ही आईएसआई को कंट्रोल कर रही है। अख्तर 1982 में फ्रंटियर फोर्स रेजीमेंट में कमीशन हुए थे। उन्होने एक इंफेंट्री ब्रिगेड और फाटा में एक डिविजन कमांड की है। वो सिंध में पैरामिलीट्री पाकिस्तान रेंजर्स के डायरेक्टर जनरल भी रह चुके हैं। 

10) लेफ्टीनेंट जनरल मोहम्मद जाहिद लतीफ मिर्जा- फिलहाल आर्मी एअर डिफेंस, रावलपिंडी के कमांडर हैं। वो 20 दिसंबर 2017 को रिटायर  होगें। कहने को जनरल लतीफ मिर्जा भी पाकिस्तान आर्मी चीफ बनने की रेस में हैं लेकिन पहले तीन को अब शायद ही पाकिस्तान आर्मी चीफ बनने का मौका मिलेगा। क्योंकि पाकिस्तान में आर्मी चीफ मैरिट पर नही आर्मी चीफ की मर्सी पर बनते हैं।