न्यूज24 के आॅपरेशन 'जीवन मृत्यु' पर स्वास्थ्य समिति ने बत्रा हास्पिटस से मांगी सीडी

नई दिल्ली ( 26 मई ): न्यूज 24 के स्टिंग आॅपरेशन 'जीवन मृत्यु' का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। न्यूज 24 के इस खुलासे पर स्वास्थ्य स्थायी समिति के अध्यक्ष राम गोपाल यादव ने बत्रा हास्पिटल की सीडी मांगी है। स्वास्थ्य समिति इस मामले स्वास्थ्य मंत्रालय से सवाल जवाब करेगी।

बता दें कि न्यूज 24 के स्टिंग आॅपरेशन 'जीवन मृत्यु' में देश भर में बड़े किडनी रैकेट का भंडाफोड़ हुए है। इस रैकेट में खुलासा हुआ है कि बत्रा हास्पिटल के बड़े डाॅक्टर भी शामिल है।

क्या हुए थे खुलासे  

न्यूज24 के पत्रकार और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मिलकर आॅपरेशन 'जीवन मृत्यु' 40 दिनों तक संयुक्त आॅपरेशन के माध्यम से अंजाम दिया है। इस रैकेट में बड़े-बड़े डाॅक्टर तक शामिल हैं। इस आॅपरेशन में सबसे बड़ा सच सामने आया है कि कैसे किडनी डोनर के नकली सर्टिफिकेट तक बना दिए जाते हैं। इस रैकेट दिल्ली के प्रसिद्ध हास्पिटल बत्रा अस्पताल के डाॅक्टर तक शामिल हैं।

न्यूज24 ने किडनी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का दिल्ली सहित देश भर में किडनी खरीद फरोख्त का जाल फैला हुआ था। इस सिलसिले में अपराध शाखा ने दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। किडनी रैकेट के सौदागरों ने सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए डोनर को ही किडनी पेसेंट का बेटा बना दिया।

यह गिरोह काफी सफाई से इस काम को अंजाम दे रहे थे ताकि पकड़ में न आए। इस गिरोह के जाल इतने अंदर तक फैले हुए थे कि आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र स्कूल सर्टिफिकेट, डीएनए रिपोर्ट आदि नकली तैयार देते थे ताकि दानकर्ता किडनी लेने वाले का खून से रिश्ता है।

इस रैकेट में बड़े-बड़े डॉक्टर शामिल हैं। इस पैनल में अपना सदस्य शामिल कर देते थे ताकि दानकर्ता से पैनल द्वारा पूछे जाने वाले सवालों की जानकारी हो।

दरसअल किडनी देने के समय डॉक्टरों का एक पैनल दानकर्ता से इस बात की पड़ताल करता है कि कहीं उससे अवैध तरीके से तो किडनी नहीं ली जा रही है या फिर किसी दवाब में उससे किडनी ली जा रही हो। इसके लिए चिकित्सकों के एक पैनल का गठन किया जाता है। उसके आधार पर ही अंतिम फैसला होता है। यह सब डाॅक्टरों और दलालों की मिली भगत से होता है।

यह रैकेट किडनी के बदले 40 से 45 लाख रुपये तक ले रहा था। दलाल बड़े अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की धज्जियां उड़ाकर किडनी प्रत्यारोपित करने का काम करवाते हैं। इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि अन्य लोगों से पूछताछ जारी है।