#News24Conclave : दो सालों मे सत्ता के गलियारों में दलालों की नाकेबंदी की: नकवी

नई दिल्ली (21 मई): राजधानी दिल्ली में शनिवार को आयोजित हुई #News24Conclave के पांचवे सत्र में संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह और जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी शामिल हुए। इन तीनों ने मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर अल्पसंख्यकों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। 

मुख्तार अब्बास नकवी से न्यूज24 ने सरकार और देश के अल्पसंख्यकों के मुद्दों से जुड़े कई कड़े सवाल किए। जिनका नकवी ने बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया। नकबी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दो सालों में अल्पसंख्यकों के लिए देश में एक बेहतर माहौल बनाया है। सभी समुदायों को साथ लेकर चल रही है। यही उसका संकल्प है।

मौलाना मदनी ने असहिष्णुता के मुद्दे पर हैरानी जताते हुए कहा, "आजादी के इतने साल के बाद देश इस बहस में पड़ रहा है कि क्या खाया जाए, क्या नहीं?" जिसके जवाब में नकवी ने साफ कहा, "देश में न कोई घर वापसी है, न कहीं असहिष्णुता है, ऐसा तभी होता है जब लोगों के पास मुद्दे खत्म हो जाते हैं।"

विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से आए नेता आरपीएन सिंह ने मालेगांव मामले में सरकार पर आरोप मढ़ते हुए कहा, "अपने लोगों को बचाने के लिए शहीद हेमंत करकरे पर लांछन लगाया जा रहा है।" इसके अलावा उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आतंकवाद को धार्मिक रंग देना चाहती है। जिसके बचाव में नकबी और मौलाना मदनी दोनों ने सरकार का पक्ष में दलील देते हुए यूपीए के कार्यकाल के उदाहरण गिनाना शुरू कर दिया। 

दलील देते हुए नकबी ने कहा, "हमने एक प्रज्ञा ठाकुर की बात कही, लेकिन पहले 200 मुसलमानों की बेगुनाही की बात उठाई।" नकबी ने आगे कहा, एक बड़ी तादाद में बेगुनाह मुसलमानों को आंतकी बताकर जेल में डाल गया। वहीं  मौलाना ने भी कहा, "यूपीए सरकार में बड़ी तादाद में बेकसूर मुस्लिम बच्चों को बंद किया गया था।"  

बीजेपी की तरफ से मुस्लिमों को टिकिट देने के सवाल पर नकवी ने कहा, "हमने असम में एक मुसलमान उम्मीदवार को टिकट दिया और जीत भी हासिल की। हालांकि, ये सही है कि हमने बहुत सारे मुसलमानों को टिकट नहीं दिए। लेकिन आने वाले दिनों में और लोगों को टिकट देंगे।"

चर्चा का अंत मदरसों और हज सब्सिडी के सवाल पर हुआ। मदरसों में सरकार के हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हुए मौलाना मदनी ने कहा, "मेरे मदरसों में सरकार को हाथ नहीं लगाने दूँगा! सरकार ने जहाँ भी हाथ लगाया उसे ख़राब किया है।" हालांकि, उन्होंने हज सब्सिडी को खत्म करे जाने का समर्थन किया। मदनी ने कहा, "मुसलमानों को हज सब्सिडी नहीं मिलनी चाहिए। हो सके तो सरकार इसी सत्र से खत्म कर दे"

हज सब्सिडी खत्म किए जाने के मुद्दे पर नकबी ने मौलाना की बात पर सहमति जताई। उन्होंने कहा इस बारे में संसद में चर्चा होती रही है। कश्मीर के जिक्र पर नकवी ने साफ करते हुए कहा, "कश्मीर में अलगाववादी ताकतें कमजोर हुई हैं"