News24ChanakyaPoll: UP में 61% लोगों ने बदलाव के लिए किया वोट

नई दिल्ली (9 मार्च): उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तहत तमाम 403 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है और अब 11 मार्च को वोटों की गिनती होगी। वहीं सभी पांचों राज्य में चुनाव खत्म होने के बाद अब पोस्ट पोल एनालाइसिस का दौर शुरू हो गया। तमाम लोग अपने-अपने सर्वे और पोल के मुताबिक किस उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी और किसे, किस मुद्दे पर प्रजा का साथ मिला इसका विश्लेषण कर रहे हैं। इसी कड़ी न्यूज 24 और टुडेज चाणक्य ने पोस्ट पोल एनालाइसिस की है। न्यूज 24 चाणक्य ने इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों के वोटरों के बीच जाकर उनकी मन की बात जानने की कोशिश की।

न्यूज 24 और टुडेज चाणक्य की एक्सपर्ट की टीम ने जब उत्तर प्रदेश में वोटरों से ये जानाने कि कोशिश की उन्होंने वोटिंग के वक्त अपने जेहन में सबसे ज्यादा किस बात को ध्यान में रखा तो चौकाने वाले आंकड़े सामने आए। 61 फीसदी लोगों ने कहा कि सूबे में बदलाव के लिए उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यानी 61 फीसदी लोग मौजूदा सरकार से नाखुश दिखे। वहीं 34 फीसदी लोगों ने अखिलेश सरकार और एसपी-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में वोट किया।

राज्य में समाजवादी पार्टी सत्ता में है। जो चुनाव से पहले ही अंदरूनी कलह की वजह से सुर्खियों में रही। साल 2012 में सपा को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। 2012 के विधान सभा चुनाव में एसपी को 224, बीएसपी को 80 और बीजेपी को 47 सीटों पर जीत मिली थी। मुलायम सिंह यादव की अगुआई में एसपी ने बहुजन समाज पार्टी की मायावती की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। वहीं भारतीय जनता पार्टी करीब डेढ़ दशकों से राज्य की सत्ता से बाहर है।

हालांकि बीजेपी, बीएसपी और एसपी-कांग्रेस गठबंधन तीनों ही पूर्ण बहुमत पाने का दावा कर रहे हैं लेकिन भिन्न-भिन्न ओपिनियन सर्वे अलग-अलग पार्टी को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान जता रहे हैं। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने यूपी चुनाव में अपनी ताकत झोंकी है उससे बीजेपी अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है। वहीं अंदरूनी कलह से उबरी एसपी को अखिलेश यादव की छवि और पार्टी की सेकुलर छवि पर भरोसा है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने इस चुनाव में सबसे ज्यादा मुसलमानों को वोट दिया है इसलिए उन्हें उम्मीद है कि दलित-मुस्लिम समीकरण के बदौलत वो दोबारा सत्ता में वापस कर सकेंगी।