JNU के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के गांव

नीतेश रंजन, बेगूसराय (14 फरवरी): पूरे देश में बहस चल रही है जेएनयू में जो चल रहा है वो सही है या गलत। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उस पर देशद्रोह के आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच में लगी है। उधर, विरोध प्रदर्शन और हंगामे की आग कन्हैया के गांव तक पहुंची है। 

दरअसल, जेएनयू छात्रसंघ का अध्यक्ष कन्हैया कुमार बिहार के बेगुसराय के मसलनपुर बीहट नाम के एक छोटे से गांव का रहने वाला है। एक बेहद ही मामूली परिवार में पैदा हुआ। गांव के स्कूल से पढ़ाई लिखाई की और फिर आगे पढ़ने के लिए पटना गया और फिर वहां से दिल्ली।

कन्हैया कुमार के दो भाई और एक बहन हैं। परिवार में बूढ़े मांता-पिता है। कन्हैया की गिरफ्तारी से घर में सब वाकिफ़ हैं, लेकिन मां का दिल कहता है कि बेटे ने कुछ गलत नहीं किया है। मां को भरोसा है कि कन्हैया ने देशद्रोही नारे नहीं लगाए हैं। मां को लगता है कि कन्हैया गरीब होने की सज़ा भुगत रहा है।

कन्हैया के पिता को यकीन है कि उनका बेटा व्यवस्था का विरोध तो कर सकता है। लेकिन देशद्रोह नहीं हो सकता। इस परिवार की विरासत में है वामपंथ की विचारधारा। पिता से उसी विचारधारा की विरासत को आगे बढ़ा रहा है कन्हैया।

अब परिवार को अपने बेटे की फिक्र है, लेकिन उन्हें इस बात का यकीन भी है कि कन्हैया जल्द ही सारे आरोपों से बरी हो जाएगा। परिवार के बड़े बुजुर्ग व्यवस्था परिवर्तन के लिए ऐसी कुर्बनियां पहले भी देने की बातें कहते।

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=k-cUiBnsK_Y[/embed]