#News24Manthan: हम हार जाएंगे लेकिन कश्मीर के साथ समझौता नहीं होने देंगे- संबित पात्रा

नई दिल्ली(10 मार्च): बीएजी फिल्म एंड मीडिया लिमिटेड के मीडिया इंस्टीट्यूट आईसोम्स (ISOMES) के तीन दिवसीय फेस्ट 'मंथन' का आज दूसरा दिन है। इस दौरान बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, कांग्रेस नेता राजबब्बर और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का विषय था क्या मीडिया तय करता है एजेंडा। 

संबित पात्रा ने क्या कहा..

- हम हार जाएंगे लेकिन कश्मीर के साथ समझौता नहीं होने देंगे।

- श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक कमरे में दम तोड़ दिया।

- बीजेपी के सस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर की तरफ तिरंगा लेकर बढ़े।

- एक दौर था जब कश्मीर जाने के लिए वीजा लगता था।

- अगर हमें विकास करना है तो क्या सिर्फ रास्ता रोकने से काम चलेगा।

- हमारी सरकार को दो साल ही हुए हैं।

- शिक्षण संस्थानों को लंबे समय तक किसने कब्जे में किया।

- सबसे अधिक समय तक देश में किसकी सरकार रही।

- रोज तमाम तरह के दबाव को झलते हैं।

- मोदी के चेहरे में आज तक थकान नहीं देखी।

- सोशल मीडिया किसी मीडिया हाउस के कंट्रोल में नहीं है।

-मीडिया... तो सोशल मीडिया के हाथों से भी चलती है।

-आज के दौर में मीडिया की मां सोशल मीडिया है।

-मोदी ऐसी शख्सियत जिसे लोग अपनाना चाहते हैं।

-न्यूज़ की वाइस बदल गई है... व्यूज़ ज्यादा हो गई हैं।

-न्यूज़ जब जज बन जाता है... तो मायने बदल जाते हैं।

-समाज का सेंस ऑर्गन तो मीडिया ही है।

-देश की आत्मा सरकार है.. तो सेंस ऑर्गन मीडिया है।

क्या कहा राज बब्बर ने... 

-एक्टिंग मेरी पहचान है और कर्म भी है।

-मैंने आज तक कभी खुद को राजनेता नहीं समझा।

-प्रजातंत्र में मैं मानता हूं की चारों स्तंभों का अपना अपना काम है।

-मीडिया का भी अपनी सामाजिक सरोकार है।

-दिल्ली में आप की जीत नहीं थी,जनता के सरोकार की जीत हुई।

-अगर मीडिया खदु को किसी के साथ जोड़ लेंगे तो पैसा तो कमा लेंगे।

-समाज में विश्वसनियता खो देगा।

-आंदोलन से बहुत दिनों बाद एक पार्टी खड़ी हुई(आम आदमी पार्टी)।

-मीडिया को तटस्थ रहने से नहीं चलेगा...उसे सच का साथ देना चाहिए।

 

क्या कहा संजय सिंह ने...      

-लोकतंत्र के चार स्तंभ है।

-सभी पर नजर रखने की जिम्मेदारी मीडिया पर है।

-मीडिया के एजेंडा तय करने की बात में आशिंक सच्चाई है। 

- मीडिया आज बहुत सशक्त माध्यम बना है।

- केजरीवाल कोई बनाए गए नेता नहीं हैं।

- हमने कभी बड़े प्रचार माध्यमों से केजरीवाल का प्रचार नहीं किया। 

- अरविंद केजरीवाल ने जनता के मुद्दे उठाए और भष्ट्राचार के खिलाफ आवाज़ उठाई।

-मीडिया की जिम्मेदारी है... सच का साथ देना।

-कई बार सोशल मीडिया पर पेड टीम गलत शब्दों का प्रयोग करती है।

-मीडिया की जिम्मेदारी है कि सोशल मीडिया की राय के बिना सच को दिखाएं।

-निर्भया कांड के बाद क्या ऐसे अपराध खत्म हो गए।

-लेखिन इस कांड के बाद तमाम मामले सामने आने लगे।

-जिन लोगों ने जेएनयू में नारे लगाए...वो लोग क्यों नहीं पकड़े गए।

- बीजेपी क्यों लोगों को देश भक्ति का प्रमाणपत्र बांट रही है।

-संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु के विरोध में हम खड़े हैं।

-लेकिन बीजेपी बताएगी कि वो क्यों पीडीपी के साथ सरकार बना रही है।

-वही पीडीपी जो अफजल गुरू को शहीद मानती है।

-संघ मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया?