#JashneYoungistan: बहादुरी का दूसरा नाम डॉ. संजुक्ता पराशर को 'न्यूज़ 24' ने किया सम्मानित

नई दिल्ली(27 नवंबर): युवा देश का भविष्य होता है। नई और युवा सोच ही देश को आगे लेकर जाती है, आज का युवा ही न्यू इंडिया का आधार रख रहा है। ये न्यू इंडिया ही है जो विश्व में अपना प्रभाव छोड़ रहा है। विश्व आपकी ओर देख रहा है और ये मौका है सफलता का जश्न मनाने का। ऐसे में 'न्यूज 24'  ने आज जश्न-ए-यंगिस्तान के जरिए देश के युवाओं को सम्मानित किया। न्यूज 24 ने अपने खास कार्यक्रम जश्न-ए-यंगिस्तान में 24 डॉ. संजुक्ता पराशर को सम्मानित किया। 

डॉ. संजुक्ता पराशर के बारे में ...

वो जब बोलती हैं लोग सांसें थामकर उसे सुनते हैं। वो जब चलती है तो इनके चलने की धमक से अपराधियों के पसीने छूट जाते हैं। जब अपने मिशन पर निकलती है। तो दुश्मन का काम तमाम करके ही वापस लौटती हैं। डॉक्टर संजुक्ता पराशर बहादुरी का दूसरा नाम हैं। साल 2006 बैच की IPS अधिकारी संजुक्ता ने बोडो उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन का नेतृत्व किया । साल 2015 में 15 आतंकियों को मार गिराया जबकि 64 आतंकियों को गिरफ्तार किया।साल 2014 में 175 और 2013 में 172 आतंकियों को जेल पहुंचाया।देश की जांबाज अफसर मिसाल हैं करोड़ों नौजवानों के लिए। जश्न ए यंगिस्तान में संजुक्ता पराशर को न्यूज़ 24 का सलाम।