मुंह की सेहत खराब होने से होता है लिवर कैंसर का खतरा, जानें लक्षण

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जून): मुंह की खराब सेहत से हेपाटोसेल्युलर कार्सिनोमा (एचसीसी) का खतरा 75 फीसद तक बढ़ जाता है। एचसीसी लिवर कैंसर का सबसे ज्यादा होने वाला प्रकार है। मुंह की सेहत और लिवर व आंतों के कैंसर के बीच संबंध जानने के लिए किए गए हालिया अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। 

मसूढ़ों में दर्द व खून आना, मुंह में अल्सर बनना और दांतों की कमजोरी को मुंह की खराब सेहत का लक्षण माना गया है। इसका संबंध हार्ट अटैक, स्ट्रोक और डायबिटीज जैसी बीमारियों से भी पाया जा चुका है। शोध के दौरान ब्रिटेन के 4,69,628 लोगों को शामिल किया गया था। मुंह की खराब सेहत वाले ज्यादातर प्रतिभागी युवा थे। 

ऐसे लोग अपने खानपान में फल-सब्जी का कम इस्तेमाल करते थे। वैज्ञानिक अभी यह नहीं जान पाए हैं कि मुंह की खराब सेहत से पेट और आंत के अन्य कैंसर की तुलना में लिवर के कैंसर का खतरा ज्यादा क्यों बढ़ जाता है। लिवर कैंसर की पहचान आमतौर शुरुआती अवस्था में कम हो पाती है। 

जब रोगी में लिवर कैंसर बढने लगता है तभी इसके लक्षण महसूस किए जाते हैं। लिवर कैंसर, लिवर में होने वाला घातक ट्यूमर है। यह आमतौर पर एक और कैंसर से मेटास्टेसिस के रूप में प्रकट होता है। भूख न लगना, कमजोरी, सूजन, पीलिया और ऊपरी पेट की परेशानी इसके मुख्य लक्षणों में से एक है।

लिवर कैंसर के फर्स्‍ट स्‍टेज में शरीर के इंसान में कई बदलाव होते हैं जिनके लक्षण सामान्य स्थिती से बहुत अलग होते है। अगर इन सिथ्तियों पर ध्‍यान दिया जाए तो इस बीमारी का पूर्वानुमान लगा सकते हैं और समय रहते डॉक्‍टर के पास ले जाएं तो मरीज को जल्‍द ही कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। 

कभी-कभी जिन रोगियों में लिवर कैंसर पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है उनके इलाज के लिए डॉक्टर उपशामक थेरेपी की मदद लेते हैं। उपमाशक थेरेपी का मुख्य उद्देशय होता है रोगी को दर्द व अन्य समस्याओं से निजात दिलाकर एक आरामदायक जीवन देना।