News 24 Exclusive: ग्रीन मून के वायरल मैसेज का सच

नई दिल्ली (19 अप्रैल): आपके मोबाइल में रोज़ कम से कम पांच-दस ऐसे वायरल मैसेज आते होंगे, जिनकी सच्चाई जानने के लिए आप बेताब हो जाते हैं। इसीलिए आपका चैनल न्यूज़ 24 शुरु कर रहा है एक खास सेगमेंट। क्या सच्चा-क्या झूठा? जहां हम आपको बताएंगे वायरल वीडियो, वायरल खबर, वायरल तस्वीर का क्या है सच, क्या है झूठ?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज खूब वायरल किया जा रहा है। इस दावे के साथ कि आने वाली बीस अप्रैल को चांद हरा दिखेगा। कहा जा रहा है कि ऐसा अद्भुत नजारा चार सौ बीस साल बाद होने वाला है। ग्रीन मून के वायरल मैसेज का क्या सच है, क्या झूठ, हम आपको बताते हैं।

इस वायरल मैसेज में लिखा है कि बीस अप्रैल को कई सारे ग्रह एक सीध में आने वाले हैं, जिसकी वजह से धरती पर चंद्रमा हरा दिखाई देगा। ऐसा हरा चंद्रमा नब्बे मिनट तक देखा जा सकता है। साथ ही इस वायरल मैसेज में लिखा गया है कि इस घटनाक्रम को ग्रीन मून कहा जाता है, जो हर बार 420 साल में एक बार होती है।

हर हिंदुस्तानी के चैनल न्यूज़ 24 ने इसीलिए इस वायरल मैसेज की पड़ताल की। पता किया क्या सच है, क्या झूठ। जिसमें सामने आया है कि अर्थस्काई ने इसे महज अफवाह बताया है। इस साइंस पोर्टल ने कहा है कि 420 या 20 अप्रैल को 'वीड डे' के तौर पर मनाया जाता है और सैन राफेल हाईस्कूल के के कुछ छात्रों की ओर से बनाई गई मारिजुआना के लिए ये कोड वर्ड था।

स्नोप्स वेबसाइट के मुताबिक इस अफवाह की जड़ 25 मार्च को नॉर्थ कैरोलिना के माइल्स जॉनसन की फेसबुक पोस्ट में है। जॉनसन ने एक फोटो पोस्ट कर ग्रीन मून होने की बात कही थी। स्नोप्स ने ये भी बताया कि चांद की छेडछाड़ की हुई तस्वीर 2010 की ब्लॉग पोस्ट से ली गई है।

वीडियो में जानें इस मैसेज का पूरा सच:

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