न्यूज़ 24 की पड़ताल: ऑड-ईवन पर लूट रहे हैं ऑटो-टैक्सी वाले

नई दिल्ली (22 अप्रैल): एक बार फिर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में बल्कि दुनिया में केजरीवाल की ऑड ईवन स्कीम की चर्चा हो रही है। 15 से 30 अप्रैल तक ऑड ईवन का दूसरा फेज लागू हुआ है, इस उम्मीद के साथ कि प्रदूषण कम होगा। सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने वालों को दिक्कतें पहले से कम आयेंगी। लेकिन सच ये है कि इस बार दिल्ली सरकार की इस ऑड ईवन स्कीम के दौरान ऑटो-टैक्सी वाले मनचाहा किराया वसूल रहे हैं।

न्यूज़ 24 की टीम ने दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ी पड़ताल की, जिसका मकसद ऑड-ईवन के लुटेरों को बेनकाब करना है। उन लोगों को दिल्ली की जनता, दिल्ली के हुक्मरानों के सामने लाना है जो फॉर्मूले की ऑड़ में लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें ऑटोवालों की मनमानी को लेकर आ रही हैं। लिहाज़ा अपनी पड़ताल की शुरुआत हमने ऑटोवालों से ही की। दिल्ली की सियासत में ऑटोवालों को आम आदमी पार्टी का वोटबैंक माना जाता है और ऑड-ईवन दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अभियान है। खुद केजरीवाल ऑटोवालों से नियमों का पालन करने अपील करते रहे हैं, लेकिन कुछ ऑटोवालों ने हर अपील, हर नियम कायदे को ताक पर रख कर ऑड-ईवन को मोटी कमाई का ज़रिया बना डाला।

न्यूज 24 की इस पड़ताल में लोगों को लूटने वाले कई ऑटोवाले बेनकाब हुए, लेकिन हमारी पड़ताल यहीं पर ख़त्म नहीं हुई। ऑटोवालों के बाद हमने रूख किया टैक्सी सर्विस ओला और उबर का। ये दोनो टैक्सी सर्विस ऑड-ईवन के दौरान दिल्ली में आवाजाही का बड़ा ज़रिया बनी हुई हैं। ओला कैब से हमने फिल्म सिटी नोएडा से दिल्ली के केंद्रीय सचिवालय तक का सफर तय किया 312 रुपए में। ओला की वेबसाइट में दिए रेट के हिसाब से ये किराया बनता था 232 रुपए, लेकिन ओला कंपनी ने किराया लिया 312 रुपए। उबर कैब सर्विस को हमने रात के साढ़े 12 बजे हायर किया। कोशिश ये जानने की थी कि क्या देर रात उबर कैब सर्विस लोगों की मजबूरी का फायदा उठाती है। हमने नोएडा फिल्म सिटी से केंद्रीय सचिवालय के लिए कैब बुक की।

देखें पूरी पड़ताल:

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