News 24 Exclusive: खुलेआम परोसी जा रही है नाबालिगों को शराब

सुमित चौहान, वरुण सिन्हा, नई दिल्ली (27 जुलाई): न्यूज़ 24 ने एक ऐसा खुलासा किया जो हर मां-बाप के लिए बड़ी खबर है। हर मां-बाप देखें कि किस तरह उनके बच्चे बर्बादी की पाठशाला में ले रहे हैं ज्ञान। दिल्ली नशीली हो रही है और बच्चे नशेबाज़। 15-18 साल के बच्चे इस नशीली दुनिया में डूबे चले जा रहे हैं। बच्चे स्कूल ना जाकर बार में जा रहे हैं नशे की क्लास लेने और बार भी बच्चों को नशा परोसने में कोई गुरेज नहीं करता, क्योंकि उनको मतबल है तो सिर्फ कमाई से।

न्यूज़ 24 ने इसकी पड़ताल के लिए 7 दिन तक दिल्ली के हर इलाके में कई बार और पब के चक्कर काटे। न्यूज़ 24 के खुफिया कैमरे में ये कैद हुआ कि करीब हर बार में स्कूल के बच्चों की बेरोक टोक एंट्री है। बच्चों की उम्र से किसी बार को कोई मतलब नहीं होता। बच्चे जहां चाहे, वहां जाकर शराब पी सकते हैं, सिगरेट पी सकते हैं और हुक्के का मजा ले सकते हैं।

दिल्ली के बार में उन्हें शराब नहीं परोसी जा सकती, जिनकी उम्र 25 साल से कम है। ये शराब बार की जिम्मेदारी है कि वो शराब परोसने से पहले इस कानून का ख्याल रखे, लेकिन कानून को धुएं में उड़ा रहे हैं बार मालिक और उनकी कृपा से शराब पीने वाले बच्चे। नाबालिगों को नशे की दुनिया में पहुंचाने वाले ये बार दिल्ली के हर पॉश इलाके में हैं, जो बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं। न्यूज़ 24 के खुफिया कैमरे में ये सारे बार कैद हुए हैं। बड़े-बड़े मॉल्स में ये बार हैं, जहां बच्चे आराम से बैठकर शराब पी सकते हैं।

खुफिया कैमरे के साथ हमने मिक्स बार में एंट्री की। दिन का समय था इसलिए कम उम्र के लोग ज्यादा दिखे। बच्चों के चेहरे से उनकी उम्र साफ झलक रही थी। हमने ऐसी ही दो लड़कियों से बात-बात में दोस्ती की और उनके साथ बैठ गए। बार के अंदर बात करते हुए हमने उनकी उम्र पता कर ली। एक की उम्र थी 15 साल और दूसरी की 17 साल। उम्र कम थी लेकिन शराब का सुरूर सातवें आसमान पर था। एक हाथ में शराब का ग्लास था और दूसरे में हुक्का। नशा इनके सिर चढ़कर बोल रहा था।

मिक्स बार के अंदर बैठी इन दोनों लड़कियों से हमने बार से बाहर आकर भी बात की। लड़की को अपनी उम्र बताने में कोई झिझक नहीं हुई और ये बातने में भी कि वो कोई भी शराब पी लेती है, बिना रोक टोक के। दोनों लड़कियों ने खुलकर कहा कि वो शराब पीती है। खुफिया कैमरे में कैद हुआ कि बार में शराब भी इन्हें खुलकर परोसी जाती है। शराब हो या हुक्का, कुछ भी पीने में कोई रोकटोक नहीं।

बार मालिक, बार मैनेजर शराब देने से पहले किसी की उम्र नहीं पूछते। ये जानने के बावजूद की 25 साल से कम उम्र के लोगों को शराब देना अपराध है। कम उम्र के बच्चों की पहचान जब हम कर सकते हैं तो बार और पब के लोग क्यों नहीं। वो ये पहचान कर सकते हैं, लेकिन करना नहीं चाहते। क्योंकि उन्हें बच्चों का भविष्य नहीं सिर्फ पैसा दिखाई देता है।

न्यूज़ 24 के ऑपरेशन उड़ता बचपन में ये सामने आया कि शराब के साथ-साथ स्कूल के बच्चों को बिना उनकी उम्र पूछे हुक्का भी पीने के लिए दे दिया जाता है। हम पश्चिम दिल्ली के एक बार में गए। गेट के बाहर बैठे एक शख्स को ये कहकर अंदर जाने के लिए कि बीयर पीनी है, हुक्का मारना है। शख्स ने देखा कि हमारे साथ नाबालिग बच्चे हैं, लेकिन उसने सिर्फ पैसे का मोलभाव किया और कुछ नहीं।

बार में काम करने वाले लोगों को ये पता भी चल जाए कि शराब और हुक्का पीने वाले नाबालिग हैं तो भी उन्हें रोका नहीं जाता। नेताजी सुभाष पैलेस के एक एलकोहलिक बार का मैनेजर मिला, उससे पूछा गया कि छोटे बच्चों को शराब या हुक्का कहां मिल जाएगा। इस मैनेजर ने आराम से अपने बार का पता बता दिया। हुक्के का नशा भी उतना ही जानलेवा है जितनी शराब, लेकिन बच्चे हुक्के के लिए क्रेजी हो रहे हैं और पब और बार मालिक उनके इस क्रेज का ज्यादा फायदा उठा रहे हैं.।

यूं तो 18 साल की उम्र के बच्चों को सिगरेट देना भी गैर-कानूनी है, लेकिन सिगरेट बेचने वालों को भी इस कानून से कोई मतलब नहीं। न्यूज़ 24 के खुफिया कैमरे में कई बच्चे स्कूल ड्रेस में सिगरेट पीते हुए कैद हुए। कई बच्चों ने ये खुलासा किया कि उन्होंने सिगरेट का ही नहीं गांजे तक का नशा किया हुआ है। बच्चों का बचपन नशे में उलझता जा रहा है।

न्यूज़ 24 ने इस खुलासे के जरिए उन माता-पिता को आगाह करने की कोशिश की है जो अपने बच्चों को सिर्प स्कूल भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेते हैं। इसलिए ये खुलासा हर माता-पिता की आंखें खोलने के लिए था। साथ ही उन पब और बार पर सख्त कार्रवाई के लिए भी जो बार बच्चों के इस बचपन को खराब करने में तुले हैं। इन बार्स पर सरकार को फौरन कार्रवाई करनी चाहिए।

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