न्यूज 24 एक्सक्लूसिव: बगदादी का धर्म परिवर्तन प्लान...

महेश पांडेय, भोपाल (26 जुलाई): दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी बगदादी की नजर अब हिंदुस्तान की जेलों में बंद कैदियों पर है। अपनी आतंकी ब्रिगेड के लिए बगदादी हिंदुस्तान की जेलों में बंद कैदियों का धर्म परिवर्तन करवा रहा है। न्यूज़ 24 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, हिंदुस्तानी जेलों में बंद कैदियों को तरह-तरह का लालच दिया जाता है। उनका धर्म परिवर्तन करवा कर उन्हें बगदादी ब्रिगेड में भर्ती होने के लिए हवाई जहाज में बैठा कर इराक रवाना कर दिया जाता है।

न्यूज़ 24 को सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक बगदादी अपने मिशन हिंदुस्तान के लिए अब जेलों में बंद कैदियों की मदद ले रहा है। इसके लिए... - महाराष्ट्र - केरल - आंध्रप्रदेश - पश्चिम बंगाल - असम - उत्तर प्रदेश - बिहार - तेलंगाना - राजस्थान की जेलों में बंद कैदियों पर ISIS की खास नजर है।

सूत्रों से न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, हिंदुस्तान के 6 राज्यों की दर्जन भर से अधिक जेलों में बंद हजारों कैदियों की क्राइम कुंडली पढ़ने के बाद ISIS को करीब 550 कैदियों में संभावना दिखी।

* जिसमें से 250 कैदियों को ISIS में शामिल करने के लिए जाल बिछाया गया। * इस्लाम में हमदर्दी रखनेवाले कैदियों को प्राथमिकता दी गई। * मुंबई, केरल और तेलंगाना की जेलों में बंद कैदियों के ब्रेनवॉश के लिए खास इंतजाम किए गए। * कैदियों को प्रभावित करने के लिए जेल में आईएस ने खास लोगों को भेजा। * चुने गए कैदियों से पूरी प्लानिंग के साथ दोस्ती की गयी। * जेल से बाहर निकालने के लिए कानूनी जानकारों का पैनल तैयार करवाया गया। * कानूनी जानकारों को कैदियों की जमानत कराने के लिए केस डायरी दी गयी। * कैदियों की हर तरह से आर्थिक मदद की गई। * करीब 150 कैदी ISIS के जाल में फंस गए। * यहां तक की कैदियों को विदेश में मौज-मस्ती के सपने भी दिखाए गए।

उसके बाद कानूनी-जानकारों ने जेलों में बंद आरोपियों की जमानत करवाने का काम शुरू किया। इनमें से कुछ क्रिश्चन और कुछ हिंदू थे। बगदादी के खास प्लान के तहत जेल से आजाद करवाए गए कैदियों का सबसे पहले धर्म परिवर्तन करवाया गया। उसके बाद उन्हें ISIS की आतंकी ब्रिगेड में शामिल होने के लिए भेजा जाने लगा। सूत्रों से न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, मई 2014 से जून 2016 तक आतंकियों की तीन खेप हवाई जहाज से बगदाद भेजी गयी।

केरल पुलिस और महाराष्ट्र ATS इस बात की जांच में जुटे हैं कि कहीं जेल प्रशासन तो जाने-अनजाने में ISIS का मददगार को नहीं बना। सूत्रों के मुताबिक, केरल में जेलर से लेकर छोटे जेल कर्मचारियों की भी गोपनीय जांच चल रही है। जिसमें उनके कॉल डिटेल से लेकर परिचितों और नई संबंधों की जांच कराई जा रही है। जेल में ISIS का मददगार बनने वाले कैदियों के मुलाकातियों की कुंडली भी तैयार करवाई जा रही है। कानूनी मदद करने वालों की भी पहचान का काम जारी है।