#News24conclave: जवानों के सिर काटने का बदला लेगी सरकार: डा. जितेंद्र सिंह


नई दिल्ली(13 मई): न्यूज 24 के खास कार्यक्रम 'तीन साल मोदी सरकार' में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि घाटी में जल्द ही तनाव खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा और हमेशा बना रहेगा। वहीं पाकिस्तान द्वारा शहीद सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता पर डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार जवानों के सिर काटने का बदला लेगी। बता दें पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने जम्मू कश्मीर के कृष्णा घाटी में दो भारतीय जवानों के शवों के साथ बर्बरता की थी। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ गया।


कश्मीर मामले पर क्या बोले डा. जितेंद्र सिंह


मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कश्मीर समस्या का हल तय है। कुछ निहित स्वार्थी तत्व कश्मीर समस्या को जिंदा रखना चाहते हैं, ताकि उनकी दुकानदारी चलती रहे। नेशनल कांफ्रेंस का नाम लिए बगैर डा. सिंह ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कुछ सियासी लोग इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। लगे हाथों डा. जितेंद्र सिंह घाटी में तनाव और पत्थबाजी के लिए कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अलगाववादी गुट अपने वजूद को बनाए रखने के लिए कश्मीर मसले को गर्म रखने की साजिश रचते हैं।


डा. जितेंद्र सिंह ने घाटी में जारी पत्थरबाजी और हिंसा के लिए अलगाववादी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ये लोग अपने बच्चों को पढ़ाने और तालीम के लिए देश के दूसरे हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भेजते हैं वहीं राज्य के गरीबों के बच्चों को हाथों में पत्थर थमाते थे। अलगाववाद का नारा देने वाले तमाम लोग दोहरे चरित्र वाले हैं। कश्मीर का मुद्दा आजादी और सियायत का नहीं है। यह इससे भी बड़ा मुद्दा है।


कश्मीर में ताजा हालात के लिए स्वार्थी लोगा जिम्मेदार है और यही लोग समय-समय पर माहौल को खराब करने की लगे रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्मीर के युवा प्रधानमंत्री मोदी की विकास यात्रा के सहभागी बनेंगे और कश्मीर में जल्द हालात सामान्य होंगे।


न्यूज 24 के कार्यक्रम में डा. जितेंद्र सिंह की बड़ी बातें...


- अलगाववाद का नारा देने वाले दोहरे चरित्र वाले हैं


- केंद्र सरकार कश्मीर के हालात से ईमानदारी से निपटने के लिए तैयार है, पहले ऐसा नहीं होता था


- महबूबा से जो समझौता हुआ, उसमें बात हुई कि वह अपनी जिद छोड़कर विकास की बात करें


- राष्‍ट्रवाद का झंडा हम बुलंद करते हैं तो इसमें हमें कोई शर्म नहीं है


- अलगाववादी नेता अपने बच्चों को बाहर बैठाए हुए हैं और गरीबों के बच्चों से पत्थर फेंकवाते हैं


- कश्मीर में सत्ता में आते ही विपक्ष भाषा बदल लेती है


- कश्मीर का मुद्दा आजादी और सियायत का नहीं है। यह इससे भी बड़ा मुद्दा है


- एक सिर के बदले हम 10 सिर लाएंगे और कार्रवाई जरूरी होगी


- लोगों की कश्मीर को लेकर चिंता वाजिब है, हम कोई बहाना नहीं बनाना चाहते


- कश्मीर का युवा भी आज मुख्यधारा से जुड़कर विकास चाहता है


- कश्मीर में सरकार की तरफ से बातचीत जारी है, सिर्फ उन 4 लोगों से ही नहीं बातचीत सभी से होनी चाहिए


- हम हिंदु राष्‍ट्रवाद नहीं बल्कि भारतीय राष्‍ट्रवाद को मानते हैं


- लोगों को मोदी सरकार से काफी अपेक्षा है, इसलिए आवाज उठती है


- कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा, लेकिन हमारा मुद्दा है कि PoK को भारत का हिस्सा कैसे बनाया जाए


- विपक्षी ये बताएं कि कश्मीर पर वो क्या सुझाव देते हैं। वो चाहते हैं कि हम वहां से भाग जाएं


- हमारा प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रीय अध्यक्ष जमीं से उठकर आए है-