एयरलाइंस ने मिस कराया हनीमून, देना पड़ा फाइन

नई दिल्ली(3 अगस्त): एक नवविवाहित जोड़े का मालदीव्स में हनीमून मनाने का सपना एयरलाइंस की लापरवाही की वजह से धरा का धरा रह गया। विधाननगर के मृदुल पोद्दार और उनकी पत्नी ने कभी नहीं सोचा होगा कि महीनों पहले बनाए उनके हनीमून प्लान के साथ ऐसा कुछ होने वाला है।

- नवविवाहित जोड़े ने फ्लाइट टिकट बुक करा ली थीं और अडवांस में ही होटेल भी बुक करा लिया था लेकिन सारी मेहनत पर तब पानी फिर गया जब एयलाइंस में यात्रा के दौरान उनका सामान का बैग ही खो गया और उन्हें बेंगलुरु रुकना पड़ा। बैग गायब होने के चक्कर में उनकी मालदीव्स की फ्लाइट भी मिस हो गई और इसी के साथ उनका हनीमून प्लान भी बर्बाद हो गया।

- मृदुल ने इसके खिलाफ कंज्यूमर फोरम में अपील की। कलकत्ता की अपभोक्ता फोरम की अदालत ने एयरलाइंस को नवविवाहित जोड़े के हनीमून मिस होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। एयरलाइंस ने कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए स्टेट कंज्यूमर फोरम में अपील की लेकिन वहां भी उनकी हार ही हुई।

-कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एयरलाइंस के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की वजह से नवविवाहित जोड़ा अपने हनीमून पर नहीं जा सका और इसलिए एयरलाइंस को दंपती को क्षतिपूर्ति देनी पड़ेगी।

- यह घटना 6 साल पहले की है। 2010 के दिसंबर महीने में मृदुल और उसकी पत्नी रिचा ने एक प्राइवेट एयरलाइंस कंपनी की फ्लाइट की टिकट बुक की थी। 11 दिसंबर को जब वह बेंगलुरु पहुंचे तो उन्हें अपना सामान नहीं मिला। उनका पासपोर्ट भी उसी बैग में था। जब उन्हें अपना बैग मिला तब तक मालदीव्स की फ्लाइट छूट चुकी थी और उनका हनीमून का पूरा प्लान बर्बाद हो गया।

-एयरलाइंस का दावा था कि एयरलाइंस की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। मृदुल का बैग कन्वेयर बेल्ट पर रखा था लेकिन गलती से दूसरे यात्री ने उनका बैग उठा लिया। पूरे मामले में एयरलाइंस की कोई गलती नहीं थी। एयरलाइंस ने दावा था कि मृदुल की शिकायत करने के बाद उस व्यक्ति को ढूंढा गया और उनका बैग केरल से वापस लाया गया।

- हालांकि कोर्ट ने एयरलाइंस के किसी दावे पर विश्वास नहीं किया और एयरलाइंस पर 50,000 रुपए का हर्जाना लगा दिया। इसके अलावा कोर्ट ने एयरलाइंस को दंपती को कोर्ट की 2000 रुपए की फीस भी चुकाने का आदेश दिया।