हाईटेक हुआ सेक्स रैकेट का धंधा, ऐसे सजती है जिस्म की ऑनलाइन मंडी

नई दिल्ली (7 सितंबर): दरअसल पहले सेक्स रैकेट किराये के घरो में या मसाज पार्लरो में चलाया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। बदलते दौर में यह धंधा भी हाईटेक हो गया है। हाईटेक सेक्स रैकेट में करोड़ों का खेल होता है। इस रैकेट में होस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली लड़कियों पर दलालों की खास नजर होती है और कुछ मॉडल कम वक्त में लाखों कमाती हैं।

इंटरनेट पर मौजूद साइट्स पर खूबसूरत लड़कियों की भरमार है। यहां लड़कियां शहरों में गुम होती जिस्म की मंडी में नहीं रहती, ना ये लड़कियां अपने किसी ठिकाने को धंधे के लिए सजाती हैं। क्योंकि अब वक्त के साथ सेक्स रैकेट का गंदा धंधा भी हाईटेक हो गया है।

इंटरनेट और फोन के सहारे इस धंधे से जुड़ी रहती है कॉलेज गर्ल, मॉडल और वो लड़कियां जो होस्टल में रहकर पढ़ाई करती हैं। जानकारों के मुताबिक इस रैकेट के दलालों की नजर उन बेबस लड़कियों पर जमीं रहती है जिन्हें कम वक्त में ज्यादा पैसा कमाने की चाहत होती है और जो एक बार दलालों के चंगुल में फस गई फिर कभी निकल नहीं पाती।

कई ऐसी लड़कियां हैं जिनकी एक रात की कीमत एक से डेढ़ लाख होती है। इनमे ज्यादातर रशियन और इंडियन मॉडल होती है। जानकारी के मुताबिक पटना के कई होटल इस रैकेट में शामिल है। बिहार में शराब बंद होने के बाद ग्राहकों को लुभाने के लिए नामचीन होटलों में भी इस रैकेट का सहारा लिया जा रहा है। ऐसी ही एक सुचना पर पटना पुलिस पिछले एक हफ्ते में चार जगहों पर चल रहे बड़े रैकेट को बेनकाब कर चुकी है।

जिस्म की ऑनलाइन मंडी के सौदागरों को इस गंदे धंधे से मोटी कमाई होती है। सैकड़ों में खेलने वाला दो से तीन साल में करोड़ों में खेलने लगता है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जिस्म की मंडी के सरगना धीरज ग्राहकों के लिए कॉलगर्ल का एलबम रखता था। पसंद आने पर लड़कियों को कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से पटना बुला लिया जाता था। कॉलगर्ल फ्लाइट से पटना आती थीं, जिसके अतिरिक्त पैसे ग्राहकों से लिए जाते थे। इन लड़कियों के लिए फर्जी वोटर कार्ड बनवाता था, ताकि होटलों में कॉलगर्ल को ठहराया जा सके।

अब ये धंधा भी हाईटेक हो चुका है। जिस्म की मंडी ऑनलाइन हो गई है, इस धंधे पर लगाम लगाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है क्योंकि ये कोई नहीं जानता किस घर में किस होटल के कमरे में कॉलगर्ल है।