जिया खान सुसाइड केस में लंदन के 'बिजनेसमैन' की एंट्री, सूरज ने किया नया खुलासा...

मुंबई (7 जून): जिया ख़ान के सुसाइड को तीन साल हो चुके है। इस केस के अहम आरोपी है सूरज पांचोली। ऐसे में लगातार ख़ुद को बेगुनाह साबित करने में लगे सूरज ने करीब 10 दिन पहले जुहू पुलिस, सीबीआई और मुंबई पुलिस कमिश्नर के लिए एक लेटर लिखा है। जिसमें उन्होंने एक नए सबूत के बारे में बताया है। 

न्यूज24 के सहयोगी चैनल ई24 के 'बॉलिवुड रिपोर्टर' के मुताबिक, पिछले तीन साल से जिया सुसाइड केस में फंसे जिया ख़ान के एक्स-बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली लगातार कोर्ट में अपना केस लड़ रहे है। वह ख़ुद को बेगुनाह साबित करने में लगे है। इसी कड़ी में अब सूरज के लिखे एक लेटर की बात सामने आई है। जिसमें उन्होंने जिया ख़ान और उनकी मां राबिया से जुड़ी कई बात शेयर की है।

इस लेटर के मुताबिक, सूरज पांचोली और उनकी लीगल टीम को कुछ हफ्ते पहले लंदन के एक बिजनेसमैस डी ब्लूम के बारे में पता चला। जिन्होंने ज़िया और राबिया से जुड़ा एक लेटर फरवरी 2015 में मुंबई पुलिस को लिखा था। इस लेटर के मुताबिक 2001 में डी ब्लूम के बेटे के साथ भी जिया और उनकी फैमिली ने सेक्सुअल असॉल्ट का फेक केस दायर किया था।

डी ब्लूम के लेटर के मुताबिक, लंदन कोर्ट में विटनेस और सबूतों के आधार पर वो अपने बेटे को बेगुनाह साबित करने में कामयाब हो गए थे। इसके साथ ही, ये बात भी सामने आई कि उस वक्त 14 साल की जिया ख़ान अपनी कलाई काटकर सुसाइड करने की कोशिश की थी। डी ब्लूम के लेटर की कॉपी हाथ लगने के बाद सूरज के वकील ने इसे जिया ख़ान सुसाइड केस में सूरज के पक्ष में एक एविडेंस के तौर सामने रखने की कोशिश की है। जहां उनका कहना है कि वो किसी मरे हुए इंसान को गलत नहीं कह रहे है, बल्कि सिर्फ सूरज को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहे है।

सूरज की लीगल टीम के मुताबिक, जिया ख़ान केस में डी ब्लूम और उनके बेटे का ऐंगल भी एक मेजर पॉइन्ट था। लेकिन जिया की मां राबिया ने इसे छुपाया। इतना ही नहीं, अब सूरज के वकील डी ब्लूम के लंदन केस का पूरा ट्रांस्क्रिप्शन पेश करेंगे और अगर ज़रुरत पड़ी तो डी ब्लूम इंडिया आकर भी अपनी स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने को तैयार है।

सूरज पांचोली के वकील की माने तो डी ब्लूम का लेटर पर मुंबई पुलिस ने ध्यान ही नहीं दिया जो अब इस केस में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है।

सूरज की लीगल टीम के मुताबिक डी ब्लूम के लेटर में उन्होंने लिखा है राबिया अपनी दोनों बेटियों जिया और कविता को छोड़कर चली जाया करती थी। और दोनों बेटियों को छोटी-सी उम्र में अपनी रोज़ी-रोटी के लिए खुद जुगाड़ करना पड़ता था। इतना ही नहीं, जिया ख़ान जब माइनर थी तब भी उन्होंने एक अबॉर्शन करवाया था।

वहीं, इस केस में आए इस नए टिविस्ट पर जिया की मां राबिया बिल्कुल भी इत्तेफाक नहीं रखती। उनके मुताबिक, ये सब ग़लत है और सूरज असल केस से हटने की कोशिश कर रहे है। हाईकोर्ट को डिस्ट्रैक्ट करने के लिए ही सूरज और उनकी लीगल टीम ये सब कर रही है। राबिया के मुताबिक वो इसपर लीगल एक्शन लेंगी और इसके अलावा उन्हें और कुछ नहीं कहना है।

राबिया को तो कुछ नहीं कहना लेकिन डी ब्लूम के लेटर के सामने आने के बाद केस में एक नया मोड़ ज़रुर आ गया है। और अगर एक परसेंट भी इसमें कुछ सच्चाई है तो ये बात राबिया के खिलाफ और सूरज के फेवर में जा सकती है।