GST: ऐसे लोगों के लिए आएगी खुशखबरी, मिलेंगी 13 लाख नौकरियां

नई दिल्ली (23 जनवरी): जीएसटी शब्द सामने आते ही लोग भले ही टैक्स के कम होने या ज्यादा होने की बात करते हो, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि इसके लागू होने के साथ ही टैक्स और टेक्नॉलजी प्रफेशनल्स की मांग काफी बढ़ गई है।


इन पेशेवरों की मांग सबसे ज्यादा एफएमसीजी सेक्टर में है। उसके बाद कन्ज्यूमर गुड्स, फार्मासूटिकल्स, रियल एस्टेट, बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर्स का नंबर आता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और चार बड़े ऑडिट फर्मों के अधिकारियों के मुताबिक, कंपनियों ने नई कर व्यवस्था से फायदा उठाने के लिए माहिर प्रफेशनलों की टीम बना रही है।


जीएसटी पोर्टल से करीब 90 लाख करदाता रजिस्टर्ड होंगे। उनका कहना है कि इनमें अगर 1% हिस्सा भी जीएसटी को हैंडल करने के लिए 5 लोगों की टीम वाली बड़ी कंपनियों का होगा और 10% भी कम-से-कम एक प्रफेशनल वाली मध्यम आकार की कंपनियों का होगा तो नए टैक्स सिस्टम से करीब 13 लाख प्रफेशनलों की जरूरत पड़ेगी। उनका मानना है कि इनमें कुछ काम मौजूदा बिक्री एवं अन्य करों (सेल्स ऐंड अदर टैक्सेज) से जुड़े प्रफेशनल्स संभाल सकते हैं, फिर भी नए प्रफेशनल्स की बहुत ज्यादा जरूरत होगी।


चूंकि जीएसटी में टेक्नॉलजी बड़ी भूमिका अदा करने वाली है, इसलिए टेक्नॉलजी प्रफेशनलों की जबर्दस्त मांग होगी। ऐक्सिस बैंक के चीफ इकॉनमिस्ट सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि आईटी सेक्टर को उन 50,000 रजिस्टर्ड इकाइयों को इंटिग्रेशन, रिपोर्टिंग और अकाउंटिंग सॉल्युशंज तथा प्लैटफॉर्म्स मुहैया कराने होंगे जो कथित तौर पर अब भी जीएसटी से तालमेल बिठाने की तैयारी में हैं।