हवाई सफर करने वालों के लिए बेहद अच्छी खबर...

नई दिल्ली(31 जुलाई): फ्लाइट कैंसल होने या बोर्डिंग से रोके जाने की स्थिति में हवाई पैसेंजर्स को सोमवार से ज्यादा हर्जाना मिलेगा। टिकट कैंसिल करवाने पर रिफंड भी अब ज्यादा होगा। इसके लिए एविएशन रेगुलेटरी (डीजीसीए) ने सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (सीएआर) में बदलाव किया है। नए नियम 1 अगस्त से लागू हो रहे हैं।

क्या है नया नियम, किन कंडीशंस में मिलेगा हर्जाना...

- नए नियम के मुताबिक सीट से ज्यादा बुकिंग करने और इसके बाद बोर्डिंग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को 20,000 रुपए तक हर्जाना देना होगा।

- पहले यह लिमिट 4,000 रुपए थी। हालांकि, उड़ान में देरी की स्थिति के लिए किसी तरह के हर्जाने का प्रावधान नहीं किया गया है।

- नियमों के मुताबिक, यदि एयरलाइन बोर्डिंग से मना करने के बाद एक घंटे के अंदर दूसरी उड़ान में पैसेंजर को सीट मुहैया करा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा।

इन कंडिशन्स में मिलेगा हर्जाना

- तय समय से एक घंटे के बाद

- यदि तय समय से एक घंटे के बाद, लेकिन 24 घंटे के भीतर किसी उड़ान में एयरलाइन सीट उपलब्ध कराती है तो मूल किराया और फ्यूल सरचार्ज का 200% हर्जाना देना होगा।

- यह राशि अधिकतम 10,000 रु. होगी।

- ऑप्शनल उड़ान 24 घंटे के बाद उपलब्ध कराई जाती है

- यदि ऑप्शनल उड़ान 24 घंटे के बाद उपलब्ध कराई जाती है तो हर्जाना मूल किराया और फ्यूल सरचार्ज का 400% होगा। हर्जाना राशि 20,000 रु. से ज्यादा नहीं होगी।

- ऑप्शनल उड़ान में जाने के बजाय यात्रा कैंसिल होगी

- यदि पैसेंजर ऑप्शनल उड़ान में जाने के बजाय अपनी यात्रा कैंसिल करता है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज के योग का 400% (अधिकतम 20,000 रु.) के जुर्माने के साथ टिकट की पूरी कीमत वापस करनी होगी।

- इससे ज्यादा देरी होने पर उनके ठहरने की व्यवस्था भी करनी होगी।