नहीं माना चीन, साउथ चाइना सी पर बढ़ा रहा है अपनी मिलिटरी ताकत

नई दिल्ली(9 अगस्त): इंटरनैशनल ट्राइब्यूनल कोर्ट के फैसले को चीन नजरअंदाज करता दिख रहा है। हाल की सैटलाइट तस्वीरों से साफ है कि विवादित साउथ चाइना सी में चीन अपने कब्जे वाले स्प्रैटली द्वीपों पर एयरक्राफ्ट की ताकत में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है। सोमवार को न्यू यॉर्क टाइम्स ने यह खबर पब्लिश की है।

 - जुलाई के आखिर में जो तस्वीरें ली गई थीं उनमें कोई मिलिटरी एयरक्राफ्ट नहीं था लेकिन एनवाईटी का कहना है कि वहां एयरक्राफ्ट हाउसिंग है जो चीनी एयरफोर्स के लिए हमेशा तैयार है। टाइम्स ने यह बात वॉशिंगटन बेस्ड सेंटर फोर स्ट्रैटिजीक ऐंड इंटरनैशनल स्टडीज (सीएसआईएस) थिंक टैंक के विश्वलेषण के हवाले से कही है।

- चीन ने फाइअरी क्रॉस, सुबी और मिसचीफ रीफ्स पर एयरक्राफ्ट हाउसिंग का निर्माण किया है। ये सभी स्प्रैटली द्वीप के पार्ट हैं। चीन साउथ चाइना सी के ज्यादातर हिस्सों पर अपना दावा करता है। साउथ चाइना सी के रास्ते प्रतिवर्ष 5 ट्रिलियन डॉलर का शिप जनित व्यापार होता है।

- साउथ चाइना सी पर चीन के अलावा फिलीपीन्स, वियतनाम, मलयेशिया, ताइवान और ब्रूनेई का भी दावा है। चीन के साथ साउथ चाइना सी पर इन देशों का गहरा विवाद है।

- यह तस्वीर तब सामने आई है जब द हेग स्थित इंटरनैशनल कोर्ट ने इस मामले में चीन के खिलाफ फैसला दिया है। साउथ चाइना सी प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है। इस लिहाज से चीन इसे किसी भी सूरत में छोड़ना नहीं चाहता है। हालांकि चीन ने इंटरनैशनल कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया है। चीन का कहना है कि उसकी संप्रभुता से जुड़े मामलों में कोई दखल नहीं दे सकता है।

- अमेरिका ने चीन समेत उन सभी देशों जो साउथ चाइना सी पर दावा करते हैं से अपील की है कि इसका सैन्यीकरण नहीं किया जाए। हालांकि चीन इस से बात इनकार करता रहा है कि वह साउथ चाइना सी का सैन्यीकरण कर रहा है।

- चीन का कहना है कि यहां उसने जो भी चीजें विकसित की हैं वे नागरिक सुविधा और आत्मरक्षा के लिए हैं। दूसरी तरफ चीन इस इलाके में अमेरिकी पट्रोलिंग की आलोचना करता है। चीन का कहना है कि अमेरिका के इस कदम से इलाके में टेंशन बढ़ी है।

- सीएसआईएस का कहना है कि स्प्रैटली द्वीप में चीन की एयरक्राफ्ट हाउसिंग स्ट्रक्चरल मजबूती को प्रदर्शित करती है। सीएसआईएस मैरीटाइम ट्रांसपैरेंसी इनिशिएटिव के डायरेक्टर ग्रेगरी पोलिंग ने टाइम्स से कहा कि चीनी निर्माण नागरिक सुविधाओं से आगे का है।