अब नई दिल्ली से अमेरिका सिर्फ 20 मिनट में

नई दिल्ली (29 जनवरी): एवियेशन के इतिहास में अब तक सबसे तेज उड़ने वाला जाहज कॉनकोर्ड था। जो मैक-टू स्पीड से उड़ता था। मैक-टू मायने लगभग 23 सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड। कॉनकोर्ड  फ्रांस और इंग्लैण्ड का संयुक्त कॉमर्शियल प्रोजेक्ट था। एक समय कॉनकोर्ड दुनिया की सबसे अच्छी फायदेमंद सेवा थी। लेकिन ग्लोबल मंदी के दौरान कॉनकोर्ड में सफर करना बहुत मंहगी और जोखिम भरा साबित होने लगा और इसी वज़ह से कॉनकोर्ड की आखिरी उडान 26 नवम्बर 2003 को न्यू यॉर्क से लंदन थी। इसके बाद कॉनकोर्ड शो पीस बन गया।

लगभग 12 साल बाद अब कनाडा की बॉमबार्डियर इनकॉरपोरेशन फिर से एक ऐसी फ्लाइंग मशीन लाने वाले हैं जो कॉनकोर्ड से 12 गुना तेज स्पीड से उड़ सकती है। कॉनकोर्ड की स्पीड मैक-टू थी। यह नया जहाज मैक-24 की स्पीड से उड़ान भरेगा। मैक-1 मायने औसतन 1195 किलोमीटर प्रति घण्टा। इसका मतलब यह कि नया जहाज  यानी 20 हजार किलोमीटर प्रति घण्टा से भी ज्यादा की स्पीड से उड़ेगा। यह भी कह सकते हैं न्यूयॉर्क से दिल्ली आधे घण्टे से भी कम समय में पहुंचा जा सकता है। इस नये जहाज का नाम होगा 'एंटीपॉड हाईपर सोनिक जेट'।

एंटीपॉड की खास बात यह है कि इसकी डिजायन अभिषेक रॉय ने बनायी है। रोशनी की गति से भी कई गुना तेज चलने वाले इसस जहाज की नोज़ और विंग्स बनाने में 'नासा' की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गयी है। बॉमबार्डियर का कहना है कि 'एंटीपॉड'  मिलिट्री के लिए या आपात स्थिति में दुनिया के शीर्षस्थ नेताओँ या मिलिट्री ऑफिसर्स को किसी दुनिया के किसी भी हिस्से में पलक झपकते ही पहुंचने के लिए किया जा सकेगा। 75 यात्रियों की क्षमता वाले 'एंटीपॉड' का कॉनसेप्ट वर्जन तैयार है, उम्मीद है कि जल्द ही इसका कॉमर्शियल वर्जन भी तैयार हो जायेगा।