विमान से ऐसे रवाना हुए अरबों रुपए, दिन रात एककर छप रहे हैं नोट

नई दिल्ली(16 दिसंबर): नए नोट देशभर में पहुंचाने के काम में सेना के जवान भी जुटे हैं। बैंक नोट प्रेस देवास में ग्वालियर और महू से करीब 200 जवान इस काम में लगे हैं।


- गुरुवार को एयरफोर्स के एक विशेष प्लेन से अरबों की राशि के नए नोट दिल्ली भेजे गए। उधर, इस बारे में बीएनपी प्रबंधन और सेना के अफसरों ने आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।


- बीएनपी देवास में रात-दिन 500 की नई करेंसी छापी जा रही है। नई करेंसी को एयरफोर्स के प्लेन से दिल्ली और मुंबई भिजवाया जा रहा है।


- गुरुवार को करेंसी ले जाने के लिए एयरफोर्स का विशेष प्लेन इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा।  इस प्लेन में अरबों रुपए के नए नोट भिजवाए गए हैं।  


- देवास से सीआईएसएफ और सेना के जवानों की मौजूदगी में नई करेंसी लाई गई थी।  


- सरकार के विशेष निर्देश के चलते करेंसी लाने वाली गाड़ियों को सीधे रनवे पर प्लेन तक ले जाया गया।  


- यहां सीआईएसएफ और सेना के जवानों ने करेंसी से भरे कंटेनरों को प्लेन पर चढ़ाया।


- गौरतलब है कि मैसूर प्रिंटिंग प्रेस से भी एयरफोर्स के प्लेन से नोट डिलिवर करवाए जा रहे हैं।


 - देवास बैंक नोट प्रेस से अभी तक दिल्ली, चंडीगढ़, गुवाहाटी, कोलकाता, बेंगलुरू, कानपुर औऱ भोपाल नोट भेजे गए हैं।


- देवास की प्रिंटिंग प्रेस में दिन रात काम जारी है। मैन पावर कम न पड़े इसके लिए रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को भी वापस बुला लिया गया है।


- सेना के जवान भी इस काम में स्टॉफ की मदद कर रहे हैं।  


- जानकारी के मुताबिक बैंक नोट प्रेस की सभी मशीनों पर रोजाना तेजी से नोट प्रिंट हो रहे हैं। नोटों की छपाई के बाद हर दिन 2 से 3 कंटेनर से इन्हें एयरपोर्ट पहुंचाया जा रहा है।


- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देश के बाद हवाई जहाज के द्वारा देशभर में अलग-अलग शहरों में मौजूद करेंसी चेस्ट तक इन नोटों को पहुंचाया जाता है।


- देवास की सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की देवास स्थित यूनिट में इस समय सिर्फ 500 के नोट छापे जा रहे हैं।


- आमतौर पर एसपीएमसीआईएल की इस यूनिट में 20,50,100 और 500 रुपए के नोट छापे जाते हैं।


- लेकिन इस वक्त देश में 500 के नोट की डिमांड ज्यादा है, लिहाजा इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां इस समय सभी मशीनों पर सिर्फ 500


- बीएनपी के रिटायर व वर्तमान कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया पूर्व में यहां करीब एक करोड़ नोट छपते थे।


- तब करीब 3000 कर्मचारी थे। नौ घंटे छपाई होती थी, फिर बढ़ाकर इसे 11 घंटे किया गया।


- लगातार रिटायरमेंट से अब स्टाफ करीब 1100-1200 कर्मचारियों का ही रह गया। अब तीन शिफ्ट में 24 घंटे छपाई हो रही है।


- इससे उत्पादन दोगुना तक हो गया है। अब यहां सैनिकों की मदद से रोज करीब 2 करोड़ के नोट छापे जा रहे हैं।