न्यूज़ 24 के ऑपरेशन 'जीवन-मृत्यु' का बड़ा असर, किडनी दलालों की खोज में ताबड़तोड़ छापे

राहुल प्रकाश, नई दिल्ली (26 मई): न्यूज 24 के ऑपरेशन जीवन-मृत्यु के बाद दिल्ली पुलिस किडनी के दलालों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। दिल्ली में कुछ जगहों पर छापे की खबर है। न्यूज 24 ने कल किडनी के दलालों का बड़ा पर्दाफाश किया था। अब तक पुलिस ने 4 दलालों को गिरफ्तार किया है।दिल्ली सहित देश के कई बड़े अस्पताल अब पुलिस के रडार पर हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने आज शाम बत्रा हॉस्पिटल के कई डॉक्टरों को पूछताछ के लिए तलब किया। इनसे संगीन सवालों पर पूछताछ की गई। पुलिस को कई वजहों से इस अस्पताल पर शक है।

दिल्ली पुलिस को शक है कि...

- सारे फर्जी डॉक्युमेंट जांच में पास कैसे हो गए ? पैनल के हर डॉक्टर ने फर्जी डोनर पर कैसे लगाई मुहर ?

- दलालों को किडनी पेशेंट से जुड़ी हर बात कैसे पता थी ?

- डोनर के बाहर कराए गए टेस्ट को अस्पताल ने कैसे दी हरी झंडी ?

इन सवालों की वजह से बत्रा अस्पताल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के संदेह के घेरे में है। पुलिस की मानें तो उसके पास हर किडनी डोनेशन के इस मामले से जुड़े हर दस्तावेज मौजूद हैं। जिससे शक गहरा रहा है। पुलिस सबसे ज्यादा इस बात से हैरान है कि आखिर दलालों के पास वो सारे सवालों की लिस्ट कहां से आ गई, जो सवाल डॉक्टर पूछने वाले थे।

पुलिस ये भी पता लगा रही है कि दलालों को ये बात कैसे मालूम होती थी कि किस किडनी पेशेंट को डोनर की सख्त जरूरत है। ये कैसे पता होता था कि कौन पेशेंट कितना मजबूर है? पुलिस को शक है कि जिस विजय नाम के युवक की निशानदेही पर इतने बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ कहीं उसका दोस्त भी इस गिरोह का शिकार ना हो गया हो। विजय का दोस्त पिछले साल से लापता है। पुलिस जांच का दायरा लापता युवक की खोज तक बढ़ा सकती है।

इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस के पास कुल 200 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग है। जिसमें बत्रा अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के पैनल से लेकर पूरे प्रोसेस से जुड़ी तस्वीरें भी कैद हैं। इसलिए पुलिस दलालों की गिरफ्तारी के बाद बत्रा अस्पताल के डॉक्टरों और दूसरे मेडिकल स्टाफ से पूछताछ में जुटी है।