भारतीय राजदूत के खिलाफ कार्रवाई की खबरों को नेपाली उप प्रधान मंत्री ने अफवाह बताया

नई दिल्ली (9 मई): अखबारों में छप रही खबरों को सच मानें तो भारत और नेपाल के संबंध अब तक के सबसे खराब दौर में पहुंच चुके हैं। नेपाल और भारत के बीच कथित डिप्लोमैटिक संकट की खबरें 'डेलीमेल' में छपी रिपोर्ट के फैली हैं। 'डेली मेंल' ने सूत्रों के हवाले से लिखा है नेपाल की ओली सरकार भारतीय राजदूत रंजीत रॉय को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित कर उन्हें देश से निकाले जाने पर विचार कर रही है। इस बारे में वो विशेषज्ञों से राय मशविरा कर रहे हैं कि इस कदम के क्या नतीजे हो सकते हैं और उनसे कैसे निपटा जा सकता है।

इसी खबर में यह भी लिखा है ओली सरकार मानती है कि रंजीत रॉय नेपाल की स्थिरता के लिए संकट हैं। हालांकि, जो भी कथित खबरें आ रही हैं वो सिर्फ सूत्रों के हवाले से हैं। नेपाल सरकार की ओर से अभी तक इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। नेपाल के उपप्रधानमंत्री कमल थापा ने कहा है कि भारत और नेपाल के संबंधों को लेकर जो भी खबरें आ रही हैं वो आधारहीन हैं। उन्होंन यह भी कहा कि राष्ट्रपति बिध्या देवी का भारत दौरा तैयारियों के अभाव के कारण रद्द किया गया था। उधर, भारत में नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने भी कहा है कि उन्हें अभी तक नेपाल सरकार की ओर से काठमाण्डु वापस आने का आदेश नहीं मिला है। जैसे ही उन्हें आदेश मिलेगा वो लौट जायेंगे। लेकिन महज मीडिया की खबरों पर वो कोई भी कदम उठाना या बयान देना सही नहीं समझते।