पीठ पर तीसरा हाथ, भगवान मानकर पूज रहे हैं लोग


काठमांडू (17 अक्टूबर): नेपाल में दो साल के बच्चे गौरव की पीठ पर तीसरा हाथ एक अजूबा बन गया है। इसके चलते गौरव का लेटना मुश्किल होता जा रहा है इसे हटाने के लिए सर्जरी का सहारा लेना पड़ेगा, जिसमें बच्चा पैरालाइज्ड भी हो सकता है।

लोग बता रहे भगवान का रूप...
- जन्म से इस परेशानी से जूझ रहा गौरव, जिस कारण उसका सीधे लेटना मुश्किल हो गया है और कपड़े भी नहीं फिट हो रहे।
- उसके पेरेंट्स ने बताया कि डॉक्टर्स ने उसकी पैदाइश के पांच दिन अंदर ही उसे दोबारा हॉस्पिटल बुलाया था।
- खराब आर्थिक हालात के चलते उसे हॉस्पिटल नहीं ले जाया जा सका, लिहाजा शुरू में उसे डॉक्टरी सलाह नहीं मिली।
- पेरेंट्स बच्चे का इलाज ओझा से करा रहे थे, जो उसे भगवान का रूप बता रहा था और डॉक्टर के पास ले जाने से मना कर रहा था।
- ओझा ने उसके पेरेंट्स से कहा था कि बच्चे का तीसरा हाथ भगवान का तोहफा है, इसे सहेजकर रखो।
- गौरव की मां ने बताया कि गांव के बाकी लोग भी बच्चे को भगवान का रूप बताते और उसे पैसे चढ़ाकर जाते थे।
- डॉक्टर्स का कहना है कि पीठ पर निकले इस हाथ को अगर हटाया नहीं गया तो स्पाइनल कॉड में परेशानी बढ़ सकती है।
- डॉक्टर्स सर्जरी के दौरान भी स्पाइनल कॉड को नुकसान पहुंचने और पैरालाइज्ड होने का खतरा बता रहे हैं।
- अब गौरव की फैमिली के लिए तय करना मुश्किल हो गया है कि वो ऑपरेशन कराएं या नहीं।

क्या है स्पाइना बिफिडा कंडीशन ?
- स्पाइना बिफिडा नाम की ये कंडीशन 1500 बच्चों में से किसी एक में देखी जाती है, लेकिन इसमें भी अलग से हाथ या पैर उगना रेयर है।
- गर्भ के पहले महीने में जब भ्रूण का स्ट्रक्चर तैयार होता है, तो उस प्रक्रिया में आने वाली खराबी से ऐसी स्थिति बनती है।
- शरीर के विकास के साथ इनका रूप जैसे-जैसे बिगड़ता है, ये स्पाइनल कॉड को डैमेज करती है और व्यक्ति पैरालाइज भी हो सकता है।