प्रचण्ड का साहसिक कदमः विपक्षी विरोध के बीच संविधान संशोधन विधेयक पेश

नई दिल्ली (9 जनवरी): नेपाल सरकार ने आंदोलनकारी मधेसी पार्टियों की मांगों के समाधान के लिए संविधान संशोधन विधेयक मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल एवं अन्य पार्टियों के विरोध के बीच संसद में पेश कर दिया। विधेयक संसद सचिवालय में 29 नवम्बर 2016 को दर्ज हुआ था लेकिन प्रचंड के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार मुख्य विपक्षी सीपीएन-यूएमएल नीत नौ दलों के गठबंधन द्वारा सदन की कार्यवाही बाधित किये जाने के चलते इसे पेश नहीं कर पाई थी।

कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों के मंत्री अजय शंकर नायक ने सरकार की ओर विधेयक पेश किया। विपक्षी दलों ने दावा किया कि विधेयक राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और उसे वापस लिया जाना चाहिए। जब मंत्री संशोधन विधेयक पेश कर रहे थे तब विपक्षी सांसद उसके विरोध में खड़े थे। विधेयक का उद्देश्य आंदोलनकारी मधेसी एवं जातीय समूहों की मांगों को समायोजित करना है।