नेपाल तक आयेगी चीन की ट्रेन, समझौते पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली (22 मार्च): नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपनी चीन की अधिकारिक यात्रा के दौरान चीन के साथ विभिन्न व्यावसायिक समझौतों के साथ ही चीन-रेल संपर्क मार्ग को पर भी हस्ताक्षर कर दिये हैं। भारत के लिए रणनीतिक और कूटनीतिक तौर पर ये एक चिंता का विषय है। मगर दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिंग पिंग ने कहा है कि नेपाल भारत और चीन के बीच परस्पर संबंधों का सेतु बन सकता है।

मधेसी आंदोलन के साथ ही भारत-नेपाल संबंधों में कुछ खटास आ गयी थी। उसकी छाया ओली की चीन यात्रा में भी झलक रही है। नेपाल भारत पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए चीने के साथ पींगे बढ़ा रहा है। भारत ने कूटनीतिक स्तर पर नेपाल को चेताया भी है कि चीन के साथ कदम बढाना खतरनाक हो सकता है, मगर फिल्हाल नेपाल ने इसकी परवाह नहीं की है। नेपाल की मौजूदा सरकार की नीति भारत और चीन दोनों से लाभ के संबंध स्थापित करना और भारत पर नेपाल की निर्भरता कम करना है। वहीं नेपाल में चीन के प्रभाव का असर भारत पर प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों रूप से पड़ने की संभावना है।