नेपाल ने भारत से अपने राजदूत को वापस बुलाया

नई दिल्ली (6 मई): नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा का रुख भारत के प्रति लगातार नकारात्मक होता जा रहा है। राष्ट्रपति बिध्या देवी भंडारी के भारत दौरे को रद्द करने के फैसले भारत में नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को नाराज़गी दिखाना इतना भारी पड़ा कि नेपाल सरकार ने उन्हें भारत से वापस बुला लिया। उपाध्याय को पिछले साल अप्रैल में नेपाली कांग्रेस के कोटे से नियुक्त किया गया था। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में उपाध्याय को वापस बुलाने का फैसला किया गया।

राष्ट्रपति का भारत दौरा रद्द करने के संबंध में उपाध्याय की सुबह ओली से बात हुई थी। कहा जा रहा है कि दौरा रद्द किए जाने के संबंध में उपाध्याय को जानकारी नहीं दी गई थी। बताया जाता है कि उपाध्याय ने भंडारी का दौरा रद्द किए जाने के मुद्दे पर अपनी नाखुशी जाहिर की थी। बताया जा रहा है कि उपाध्याय ने प्रधानमंत्री से कहा, 'दौरा रद्द किया जाना ऐसे समय में उचित नहीं है जब भारत-नेपाल संबंध पटरी पर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि दौरा रद्द किए जाने से पहले न तो मुझसे सलाह ली गई और न ही सूचित किया गया।' इस पर ओली ने कहा, 'अगर आप दौरा रद्द करने के मुद्दे पर इस तरह का रुख रखते हैं तो आप पद छोड़ सकते हैं। उपाध्याय पर ओली के नेृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उपाध्याय नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, जो नेपाल की प्रमुख विपक्षी दल है।