नेपाल में संकट में प्रचंड सरकार, गठबंधन सहयोगी ने समर्थन वापस लिया

काठमांडू(2 मई): नेपाल में प्रचंड सरकार को बड़ा झटका लगा है। उसके एक गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी ने मुख्य न्यायाधीश सुशीला करकी के खिलाफ संसद में दर्ज महाभियोग प्रस्ताव को लेकर अपना समर्थन वापस ले लिया।


पार्टी की केन्द्रीय कार्यकारी समिति की दूसरे दौर की बैठक के बाद आरपीपी प्रमुख थापा ने कहा कि पार्टी का यह निष्कर्ष है कि महाभियोग अपरिपक्व और गैरजिम्मेदाराना था और इसे गलत मंशा से पेश किया गया इसलिए पार्टी विरोध में सरकार से समर्थन वापस लेती है।


आरपीपी 593 सदस्यीय संसद में 37 सांसदों के साथ गठबंधन सरकार में चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। सरकार फिलहाल संकट में नहीं है लेकिन अगर एक अन्य सहयोगी मधेसी जन अधिकार फोरम ने समर्थन वापस लेने का फैसला किया तो सरकार अल्पमत में जा सकती है।