बड़े संकट में नेपाल सरकार, प्रचंड की पार्टी ने समर्थन वापस लिया

नई दिल्ली (12 जुलाई): नेपाल में प्रधानमंत्री केपी ओली की अगुवाई वाली गठबंधन की सरकार बड़े संकट में घिर गई है। मंगलवार को सहयोगी कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी-सेंटर) ने नौ महीने पुरानी सरकार से समर्थन वापस ले लिया। सहयोगी पार्टी ने सरकार पर पहले किए गए समझौतों को लागू ना करने का आरोप लगाया है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीएन (एम-सी) के चेयरपर्सन पुष्पा कमल दहल "प्रचंड" ने सीपीएन-यूएमएल की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की। प्रचंड ने कहा कि ओली की पार्टी पहले किए गए समझौतों को लागू करने से पीछे हट रही है। 9सूत्री समझौते पर सीपीएन-यूएमएल और माओवादी-सेंटर के बीच मई मे दस्तखत हुए थे। 

प्रधानमंत्री को लिखी गई चिट्ठी में प्रचंड ने नए संविधान और पुराने समझौतों के लागू होने का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा ही राष्ट्रीय आम-सहमति के पक्ष में थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के सरकार से समर्थन वापसी के फैसले से राष्ट्रीय आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी।