नेपाल ने दुबई से मांगा कानपुर रेल हादसों का मास्टरमाइंड

नई दिल्ली(19 जनवरी): नेपाल पुलिस ने बुधवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के उस एजेंट के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसने बीते साल भारत में अपने लोगों के जरिए दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं की साजिश रची थी।

- जिस आईएसआई एजेंट का दुबई से प्रत्यर्पण कराया जा रहा है, वह एक नेपाली शख्स है। उसका नाम शमशुल हुदा है।

- मोतिहारी और नेपाल में छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद हुदा के बारे में पता चला। 

- हुदा अपना नेटवर्क नेपाल के ही बृज किशोर गिरी उर्फ बाबा गिरी, शम्भू गिरी और मुजाहिर अंसारी के जरिए चलाता था। इन तीनों को नेपाल में गिरफ्तार किया गया।

- बृज ने बिहार के तीन अपराधी उमाशंकर पटेल, मोतीलाल पासवान और मुकेश यादव को तीन लाख रुपये दिए। पैसे देने का मकसद इंदौर-पटना एक्सप्रेस और सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस को दुर्घटनाओं का शिकार बनाने की साजिश रचना था।

- बिहार के इन तीन अपराधियों ने कबूल किया है कि उन्होंने नेपाल के एक आईएसआई एजेंट के लिए काम किया। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार कुशवाहा ने नेपाल के बारा से बताया, 'हमने शमशुल हुदा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वह बृज का हैंडलर था।' उधर, भारत में नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर बुधवार को मोतिहारी पहुंच गए। यहां उन्होंने उन तीन संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ की, जिन्होंने ट्रेन दुर्घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली है।