बिहार बॉर्डर पर पहुंचा ड्रैगन!

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (18 अप्रैल): दक्षिण एशिया में दखल बढ़ाने के लिए चीन ने एक और चाल चली। सैन्य अभ्यास का बहाना बनाकर नेपाल के सहारे चीन बिहार बॉर्डर तक पहुंच गया है। नेपाल के महाराजगंज में रविवार से ड्रैगन ने अपना पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। इससे भारत की चिंताएं बढ़ सकती हैं। नेपाल सेना ने बताया कि दस दिवसीय सैन्य अभ्यास 'सागरमाथा फ्रेंडशिप 2017' 25 अप्रैल तक चलेगा।


सोमवार को नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी भारत से अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए पांच दिन की यात्रा पर दिल्ली पहुंचीं, लेकिन दूसरी तरफ उनके ही देश में चल रहा है वो सैन्य कार्यक्रम जो भारत और नेपाल के आपसी रिश्तों में असर डाल सकता है। नेपाल के महाराजगांज के पैराट्रेनिंग स्कूल में शुरु हो चुका है चीन और नेपाल के बीच संयुक्त सैनिक अभ्यास, जोकि बिहार बॉर्डर से करीब सत्तर किलोमीटर दूर है।


दस दिन तक चरने वाले इस अभ्यास का नाम "सागरमाथा-फ्रेंडशिप 2017” है। वैसे तो आतंकवाद से मुकाबले के लिए है, लेकिन अभी हाल ही में पाकिस्तान के साथ युद्धाभ्यास कर चुके चीन के इरादे भारत को लेकर ठीक नहीं हैं इस बात से भारत अनजान नहीं और इसीलिए सतर्क है।


हफ्ते भर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से चीन खफा है। जानकार इस युद्धअभ्यास को उसी से जोड़ कर देख रहे हैं। हालांकि सब जानते हैं कि नेपाल के साथ युद्धाभ्यास से चीनी सेनाओं को कुछ खास लाभ नहीं होगा, लेकिन सुरक्षा रणनीति से जुड़े लोग कहते हैं कि पाकिस्तान के बाद, नेपाल के साथ दोस्ती गांठ कर चीन भारत की घेरेबंदी की तैयारी में हो सकता है।


भारत की चिंता की वजह है ये है कि जहां युधाभ्यास चल रहा है वो इलाका भारत-नेपाल सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है। चीनी सेना ने कहा कि चाइनीज पीपल्स लिबरेशन आर्मी का एक दस्ता साझा सैन्य अभ्यास के लिए पहले से ही काठमांडू में जमा हुआ है। भारत इसीलिए असहज है, क्योंकि चीन के साथ साझा सैन्य अभ्यास नेपाल में चीनी सेना की सैन्य कूटनीति के विस्तार की तैयारी भी हो सकती है।