नेपाल ने चीन को दिखाया आईना, भारत की मदद से चीनी सीमा पर बनाया पुल

काठमांडू (6 नवंबर): भारत न सिर्फ अपनी तरक्की में विश्वास करता है बल्कि भारत चाहता है कि उसके पड़ोस में भी शांति रहे और वो भी विकास की रास्ते पर चले। इसके लिए भारत अपने तमाम पड़ोसियों के हर मुमकिम मदद के लिए भी तैयार रहता है। एक बार फिर भारत के इस सिद्धांत का उदाहरण देखने को मिला है।  नेपाल में रविवार को एक ब्रिज का उद्घाटन किया गया है। इस ब्रिज को बनाने के लिए भारत ने नेपाल को 4,30,626 यूएसडी दिए थे। इस ब्रिज को चीन बॉर्डर पर कालीगंडकी नदी पर बनाया गया है। इस ब्रिज को मस्टैंग जिले के जैमसन एरिया में बनाया गया है।

यह ब्रिज न केवल मस्टैंग के लोगों के लिए इस जगह की कनेक्टिविटी बढ़ाता है बल्कि यह उन तीर्थयात्रियों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा जो मुक्तिनाथ मंदिर घूमने जाते हैं। यह बात भारतीय दूतावास काठमांडू ने एक  इस ब्रिज का उद्घाटन नेपाल में भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने किया। 

भारत ने 44.5 मिलियन नेपाली करेंसी (2.7 करोड़ भारती रुपये) की मदद इस ब्रिज के निर्माण में की थी। यह दोनों देशों के एक जॉइंट इकोनोमिक कॉरपोरेशन प्रोग्राम (INEC) के तहत बनाया गया है। बता दें कि आईएनईसी प्रोग्राम के तहत नेपाल में कुल 554 बड़े और छोटे डेवलपमेंट प्रोजेक्टस तैयार किए जाने हैं। ये शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे तैयार करने के लिए किया जा रहा है।