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नेपाल ने RBI को पत्र लिख इन भारतीय नोटों को वैध करने की मांग की

नेपाल ने भारतीय रिजर्व बैंक से कहा है कि वह देश में 100 रुपये से अधिक मूल्यवर्ग के प्रचलित नए भारतीय नोटों को वैध घोषित करे। एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह जानकारी दी गई। ‘हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को एक पत्र लिखा, जिसमें 200, 500 और 2000 रुपये के नए भारतीय नोटों को नेपाल में वैध घोषित करने की मांग की गई है। एनआरबी नेपाल का केंद्रीय मौद्रिक प्राधिकरण है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (06 जनवरी): नेपाल ने भारतीय रिजर्व बैंक से कहा है कि वह देश में 100 रुपये से अधिक मूल्यवर्ग के प्रचलित नए भारतीय नोटों को वैध घोषित करे। एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह जानकारी दी गई। ‘हिमालयन टाइम्स’ के अनुसार, नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को एक पत्र लिखा, जिसमें 200, 500 और 2000 रुपये के नए भारतीय नोटों को नेपाल में वैध घोषित करने की मांग की गई है। एनआरबी नेपाल का केंद्रीय मौद्रिक प्राधिकरण है।

रिपोर्ट के अनुसार, एनआरबी ने भारत के केंद्रीय बैंक से अनुरोध किया कि वह इस संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत एक अधिसूचना जारी करे। इससे नेपाल में 100 रुपये से अधिक मूल्यवर्ग के प्रचलित नए भारतीय नोट वैध हो जाएंगे, जिससे विनिमय सुविधाएं इस मूल्यवर्ग का नोट प्राप्त कर सकेंगी। 

आरबीआई ने नेपाल में सिर्फ 100 रुपये या इससे कम मूल्य के नोटों के चलन की इजाजत दे रखी है। विनिमय की इजाजत भी इन्हीं मूल्यवर्ग के नोटों के लिए है।  नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने से पहले आरबीआई ने एफईएमए के तहत एक अधिसूचना जारी कर नेपाली नागरिकों को इस मूल्यवर्ग के 25,000 रुपये मूल्य के नोटों को ले जाने की इजाजत दी थी। 

भारत सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोटों की नोटबंदी के बाद 200, 500 और 2000 रुपये के नए नोट शुरू किए। लेकिन आरबीआई ने नेपाल में इन नए नोटों के चलन की इजाजत देने को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की। 

एनआरबी में विदेशी मुद्रा प्रबंधन विभाग के प्रमुख ने कहा, आरबीआई उच्चतर मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों के प्रचलन की अनुमति नहीं दे रहा था। इसलिए हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए नेपाल में उनके उपयोग पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में लोगों खास कर अक्सर भारत जाने वाले लोगों से शिकायतें मिलने के बाद हमने आरबीआई को नेपाल में ऐसे भारतीय नोटों को वैध घोषित करने के लिए लिखा है। नेपाल में इस तरह के नोटों का प्रसार केवल आरबीआई और भारत सरकार की इच्छा पर निर्भर करेगा। 

नेपाल राष्ट्र बैंक ने अपने उसी पत्र में भारतीय सेंट्रल बैंक (आईसीबी) से अनुरोध किया है कि वह हिमालयी देश में प्रतिबंधित भारतीय मुद्रा रखने वाले नेपालियों को विनिमय सुविधा प्रदान करे। एनआरबी ने कहा कि नेपाल की बैंकिंग प्रणाली के पास 500 और 1000 रुपये वाले 4.8 करोड़ रुपये मूल्य के नोट हैं। हालांकि देश में प्रतिबंधित भारतीय नोटों का असल स्टॉक बहुत अधिक होने की उम्मीद है, क्योंकि नेपालियों को 25,000 रुपये तक के 500 और 1000 रुपये के भारतीय नोटों को ले जाने की अनुमति थी।

प्रतिबंधित भारतीय नोट रखने वाले नेपालियों को विनिमय सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से एनआरबी उन लोगों के नाम का डेटाबेस रखने के लिए सॉफ्टवेयर बना चुका है। लेकिन भारत सरकार को अभी इस मसले पर फैसला करना है। 

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