चीन का झूठ बेनकाब, नेहरु ने नहीं किया था 1890 की संधि का समर्थन


नई दिल्ली(4 जुलाई): भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने ब्रिटेन और चीन के बीच सिक्किम और तिब्बत को लेकर हुए 1890 में हुए संधि का पूरी तरह से समर्थन नहीं किया था। 1959 में नेहरु को जाऊ इनलाई को लिखे पत्र में साफ कहा गया है कि नई दिल्ली का बीजिंग के साथ चीन, भूटान और भारत की सीमा को लेकर मतभेद थे।


बता दें जोऊ इनलाई उस वक्त चीन के पीएम थे। इनलाई को उस वक्त माउ जेडांग के बाद कम्यूनिस्ट पार्टी का सबसे ताकतवर नेता माना जाता था। 


बता दें सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंगे शुआंग सोमवार को कहा, 'भारत-चीन सीमा का सिक्किम खंड ब्रिटेन और चीन के बीच सिक्किम और तिब्बत को लेकर 1890 में हुए संधि में परिभाषित की गई है।'


चीन ने भारतीय सेना पर सिक्किम के पास चीनी सीमा को पार करने का आरोप लगाते हुए इसे 1890 के संधि का उल्लंघन बताया है. चीन ने भारत पर ब्रिटेन और चीन के बीच सिक्किम और तिब्बत को लेकर हुए 1890 में हुए संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत के दस्तावेजों के अनुसार भारत की आजादी के बाद से भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कई बार स्पष्ट रूप से मान्यता दी थी कि चीन के शी-जैंग (तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र) और सिक्किम के बीच सीमा संधि में परिभाषित हैं। यह कंवेंशन चीन और भारत दोनों के लिए बाध्य है।