उधर लंदन में नीरव मोदी की जमानत खारिज इधर आर्थर रोड जेल की बैरक नं.12 तैयार

Royal Court of Justice

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जून): जैसे ही लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने नीरव मोदी की जमानत याचिका खारिज की वैसे ही मुंबई के आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 के आस-पास हलचल बढ़ गयी है। जेल अधिकारियों ने एक बार फिर बैरक नंबर 12 का निरीक्षण किया। दरअसल, लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने भारत सरकार से पूछा था कि नीरव मोदी को प्रत्यार्पण के बाद कौन सी जेल में रखा जायेगा। उस जेल के बारे में लिखित रूप से जानकारी भी मांगी थी। भारतीय एजेंसियों ने वेस्टमिंस्टर कोर्ट को बताया है कि नीरव मोदी आर्थर रोड जेल में रहेगा। जेल के भीतर क्या-क्या सुविधाएं होंगी यह जानकारी भी वेस्टमिंस्टर कोर्ट को दी गयी है। चूंकि रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भी नीरव मोदी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है इसलिए अब उसके प्रत्यार्पण की कार्रवाई तेजी से की जायेगी। इसी के मद्देनजर जेल अधिकारियों ने नीरव मोदी की संभावित बैरक की निरीक्षण किया।Neerav Modi

नीरव को 19 मार्च को 13 हजार करोड़ के घोटाले के आरोप में स्कॉटलैंड यार्ड में गिरफ्तार किया गया था। उसके प्रत्यर्पण के लिए भारतीय एजेंसियां लगातार कोशिश कर रही हैं। फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट की न्यायाधीश ने कहा कि यह मानने का ठोस आधार है कि नीरव मोदी जमानत पर छूटने के बाद फिर से कानून के आगे समर्पण नहीं करेगा। याचिका पर सुनवाई के दौरान नीरव मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने तर्क दिया था कि नीरव मोदी लंदन पूंजी इकट्ठा करने के लिए आए हैं। अगर उन्हें जमानत मिली तो उन्होंने खुद को एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से टैग करने की इच्छा जताई है, जिसके जरिये उन्हें ट्रैक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चूंकि उनके खिलाफ प्रत्यर्पण का मामला शुरू हो चुका है, इसलिए उनके भागने का सवाल पैदा नहीं होता। उनके बेटे और बेटी इंग्लैंड में यूनिवर्सिटी खोल रहे हैं और वे आते जाते रहेंगे। नीरव मोदी की वकील के तर्क पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में भारत सरकार का पक्ष रख रहे क्राउन प्रॉसेक्यूशन सर्विस ने कहा कि आरोप फर्जीवाड़ा और आपराधिक कृत्य के हैं। इस पर न्यायाधीश ने कहा है कि ये बस आरोप हैं। इन्हें तय समय-सीमा के भीतर निपटाना होगा। यह अनसिक्यॉर्ड लेंडिंग का मामला है।

Arthur Road Jail, Mumbai

बीते 8 मई को तीसरी बार नीरव मोदी कोर्ट में एम्मा अर्बथनॉट के सामने पेश हुआ था। उसके वकीलों ने आश्वासन दिया कि नीरव लंदन के ही फ्लैट में रहेगा और सुनवाई में पेश होगा, लेकिन जज ने एक न सुनी और जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। भारत की तरफ से कोर्ट में पेश हुए क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने कहा था कि नीरव मोदी ने पिछली बार के ही तर्क दोहराए हैं और ऐसा नया कुछ भी नहीं पेश किया जिसकी बुनियाद पर बेल दी जाए। जज को भी भरोसा नहीं हुआ कि नीरव को बेल दे दी जाएगी तो वह दोबारा कोर्ट में पेश होगा। इसी के चलते जज ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। प्रॉसिक्यूशन ने नीरव के भागने की भी आशंका जाहिर की थी। 19 मार्च को नीरव मोदी तब गिरफ्तार हुआ था, जब वह बैंक में अकाउंट खुलवाने पहुंचा था। बैंक के ही एक कर्मचारी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। तबसे वह लंदन के वांड्सवर्थ जेल में है। 8 मई को तीसरी बार उसकी जमानत याचिका खारिज की गई थी। नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चौकसी फ्रॉड के मुख्य आरोपी हैं।

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