"मोदी सरकार उद्योगपतियों के लिए चिंतित, सबक सीखाने की जरूरत"

नई दिल्ली (24 फरवरी): सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों के हित के लिए काम नहीं करने वाली मोदी सरकार को सबक सिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार लुभावने वादों के जरिए सत्ता में आने के बाद किसानों के हित में कदम उठाने में असफल रही है।

हजारे ने कहा, 'मोदी सरकार किसानों के हित में काम करने में नाकामयाब रही जबकि वह लोगों से लुभावने वाद करके ही सत्ता में आई। मोदी सरकार किसानों से ज्यादा उद्योगपतियों के लिए चिंतित है।' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी की चाबी जनता के हाथों में होती है और उसे सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से ही सबक सिखानी चाहिए।

हजारे ने कहा कि देश के किसानों को उनका उचित हक नहीं मिल रहा है। वह अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पाने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। आज किसान सिंचाई के लिए सस्ती दर पर बिजली और पानी से भी वंचित हो गए हैं, क्योंकि नहरों में पानी की आपूर्ति ही नहीं हो रही है।

अन्ना ने कहा कि वह किसानों से जुड़े इन्हीं सारे मुद्दों पर 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार की ताजा घटना पर भी प्रधानमंत्री से सवाल किया। हजारे ने कहा, 'मोदी ने खुद कहा था कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे उनके काम-काज के तरीकों पर सवाल उठ रहा है।'