बिहार में एनडीए में फूट: जेडीयू में शामिल हो सकते हैं RLSP के दो विधायक, नीतीश पर बरसे कुशवाहा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 11 नवंबर ): बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में फूट के आसार दिख रहे हैं। खबर है कि एनडीए का हिस्सा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के दो विधायक पार्टी छोड़कर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल हो सकते हैं। सीएम नीतीश कुमार से आरएलएसपी के विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर ने रविवार को नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि ये दोनों जेडीयू में शामिल हो सकते हैं।

2019 के आम चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर पहले से बिहार में एनडीए के घटक दलों में पेच फंसा हुआ है। ऐसे में नीतीश के साथ आरएलएसपी के विधायकों के जाने से नई खिचड़ी पक सकती है। यही वजह है कि आरएलएसपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उनकी पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाते हुए नसीहत दी है।

सुधांशु शेखर और ललन पासवान के जेडीयू में शामिल होने की खबरों पर उपेंद्र कुशवाहा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'समेटिए नीतीश कुमारजी अपने लोगों को। केवल दहेज लेना-देना अपराध नहीं है बल्कि किसी पार्टी को डैमेज करने हेतु लोभ व प्रलोभन देना भी अपराध एवं घोर अनैतिक कुकृत्य है। ऐसे यह कोई नहीं मानेगा कि आपकी पार्टी में ऐसा कुकृत्य आपकी सहमति के बगैर हो रहा होगा।'

उपेंद्र कुशवाहा ने आगे लिखा, 'वैसे तो नीतीश कुमारजी, आपको तोड़-जोड़ में महारत हासिल है। बीएसपी, एलजेपी, आरजेडी, कांग्रेस और अब आरएलएसपी लेकिन बिहार व देश की जनता सब देख रही है। हम गरीबों, शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ो और गरीब सवर्णों के हक के लिए लड़ते रहेंगे। आप चाहे जितना प्रहार करें।'

नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के संबंध पहले से अच्छे नहीं हैं। पटना में आरएलएसपी के प्रदर्शन के दौरान नीतीश के खिलाफ नारेबाजी के बाद कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इससे पहले कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर में आरोप लगाया, 'नीतीश कुमारजी मुझे नीच कहते हैं। मैं इस मंच से बड़े भाई नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि उपेंद्र कुशवाहा इसलिए नीच है क्योंकि वह दलित, पिछड़ा और गरीब नौजवानों को उच्चतम न्यायालय में जज बनाना चाहता है'। हम पिछड़ा एवं अति पिछड़े की बातों और उनके हितों को उठाते हैं इसलिए नीच हैं। सामाजिक न्याय की बात करते हैं इसलिए उपेंद्र कुशवाहा नीच है। गरीब घर के बच्चे कैसे पढ़ें, इसके लिए अभियान चलाते हैं तो क्या उपेंद्र कुशवाहा इसके लिए नीच है।'


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