JP में घर बुक कराने वालों के लिए बुरी खबर, कंपनी हो सकती है दिवालिया


नई दिल्ली (10 अगस्त):
अगर आपने जेपी इन्फ्राटेक में घर बुक कराया है तो यह आपके लिए बुरी खबर हो सकती है। नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने आईडीबीआई बैंक की याचिका को स्वीकार करते हुए जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया कंपनियों की श्रेणी में डाल दिया है।

8,365 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसी कंपनी को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए अब 270 दिनों का समय दिया जाएगा, यदि इस बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति नहीं बदली तो उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी। यह उन हजारों लोगों के लिए भी बड़ा झटका है, जिन्होंने जेपी समूह में निवेश किया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कंपनी के करीब 32 हजार फ्लैट्स निर्माणाधीन हैं।

NCLT ने आईडीबीआई बैंक की तरफ से दाखिल दिवालिया याचिका पर जवाब देने के लिए जेपी इन्फ्राटेक को 4 अगस्त तक का समय दिया था। आईडीबीआई बैंक ने इसी साल जून में NCLT में यह याचिका दाखिल की थी। कंपनी पर अकेले आईडीबीआई बैंक का 4,000 करोड़ रुपये बकाया है।

जेपी इन्फ्राटेक का मामला आरबीआई की तरफ से पहचान किए गए 12 मामलों में शामिल है, जिस पर बैंकों को सलाह दी गई है थी वे दिवालिया प्रक्रिया NCLT में शुरू करें। इस सूची में जेपी इन्फ्राटेक के अलावा मोन्नेट इस्पात, ज्योति स्ट्रक्चरर्स, इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स, एमटेक ऑटो, एस्सार स्टील, भूषण स्टील, भूषण पावर और स्टील, लैन्को इन्फ्राटेक, एबीजी शिपयार्ड, आलोक इंडस्ट्रीज और ईरा इन्फ्रा ऐंड इंजिनियरिंग शामिल है।