NCERT किताबों की होगी होम डिलीवरी


नई दिल्ली (9 अगस्त): NCERT की किल्लत से अब लोगों को जल्द छुटकारा मिलने बाला है। लोगों को NCERT किताबों की कमी के चलते स्कूलों को अब निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। दरअसल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी NCERT ने एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जिसमें स्कूल, पुस्तक विक्रेता या फिर कोई निजी व्यक्ति भी सीधे जाकर अपनी मांग भेज सकेगा। इस पूरे सिस्टम में ऑनलाइन पेमेंट की भी व्यवस्था की गई है। NCERT की मानें तो इस पूरी प्रक्रिया के पीछे मकसद यह है कि स्कूलों की मांग का पहले पता चल जाए, ताकि उसके मुताबिक किताबों का समय पर प्रकाशन हो सके।

NCERT ने इसके साथ ही स्कूलों से अगले साल के लिए किताबों की मांग भी लेनी शुरु कर दी है। इसके तहत स्कूलों से आठ सितंबर तक अपनी मांग देने को कहा गया है। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाह ने इस पूरी व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान मंत्रालय के स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरुप ने साफ किया कि इसका मतलब यह कतई नहीं है, कि स्कूलों में एनसीईआरटी को अनिवार्य किया जा रहा है। बल्कि स्कूलों को NCERT की किताबें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराई जाएगी। NCERT ने पिछले साल भी स्कूलों को मांग के मुताबिक किताबें उपलब्ध कराने की तैयारी की थी, लेकिन मांग पहले न मिलने के चलते तमाम स्कूलों को अंतिम समय में किताबें नहीं मिल पायी थी।

इस सिलसिले में NCERT ने देश भर के अपने सभी स्कूलों को चिट्ठी लिखकर एडवांस में ही किताबों की बुकिंग कराने को कहा है। साथ ही बताया कि वह शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए अभी से अपनी मांग एनसीईआरटी को दे दे, ताकि किताबें समय पर उन्हें मिल सके।