NCB की गिरफ्त में टाइगर टैटू वाली ड्रग्स पैडलर

शहनवाज़ हुसैन, नई दिल्ली (22 जून): नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक लेडी ड्रग्स पैडलर को गिरफ्तार किया है। इसके पास से चौदह किलो ड्रग्स की खेप मिली है, जिसकी कीमत दो करोड़ से ज़्यादा बताई जा रही है। ये महिला साउथ अफ्रीका से दिल्ली सात बार आ जा चुकी थी। इस महिला के शरीर पर एक टाइगर टैटू है। बताया जा रहा है कि यही टैटू ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों का पहचान पत्र है।

साउथ अफ्रीका की रहने वाली 42 साल की बेलिंडा। दूसरा नाम टाइगर टैटू क्वीन, जो हिंदुस्तान में युवाओं के नसों में ज़हर भरने का कारोबार करती थी। इसके हाथ पर एक टाइगर टैटू बना है। हम इस टैटू की कहानी बताएं उससे पहले आपको बताते हैं कि इस 42 साल की महिला को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अरेस्ट कर लिया है, जिसके पास से डिपार्टमेंटन 14.25 किलो मेथाक्लोन नाम का ड्रग्स पकड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में जिसकी कीमत 2 करोड़ रूपये से भी ज्यादा है। इस ड्रग्स का इस्तेमाल ज्यादातर रेव पार्टियों में किया जाता है।

नार्कोटिक्स डिपार्टमेंट के अनुसार पिछले 6 महीनों में 7 बार ये महिला इंडिया आ चुकी थी और ये 8वीं विजिट थी, लेकिन इस बार वो नार्कोटिक्स डिपार्टमेंट के हत्थे चढ़ गई। नार्कोटिक्स डिपार्टमेंट दो महीने से इस महिला की तलाश में था और इसके लिए लुक आउट सर्कुलर भी जारी कर रखा था। बेलिंडा साउथ अफ्रीका से अदिसाबाबा होते हुए दिल्ली आती थी और फिर इसी रुट से वापस चली जाती थी। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर नार्कोटिक्स ने सीआईएसएफ के साथ मिल कर इस महिला को गिरफ्तार किया। साथ ही एक नाइजीरियन मूल के शख्स ओबीएफोका फ्राइडे ओकेके को भी गिरफ्तार किया।

सूत्रों के मुताबिक ड्रग्स माफिया की पहचान टाइगर टैटू है। इसी टैटू के ज़रिए ड्रग्स माफिया एक दूसरे की पहचान करते थे। सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्तान और अफ्रीका में ऐसे दर्जन भर ड्रग्स माफिया हैं जिनके हाथों या फिर शरीर में टाइगर के टैटू हैं। कहते हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की यही टाइगर टैटू पहचान पत्र है और नार्कोटिक्स डिपार्टमेंट ने इसी पहचान की बुनियाद पर इस महिला को गिरफ्तार किया है। हालांकि अब तक ड्रग्स सप्लायर पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में नार्को की टीमें लगी हुई हैं।