नक्सलियों का अब ऐसे सफाया करेगी सरकार


नई दिल्ली(8 मई): गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के सीएम के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है और इसके लिए लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजी बनाने की जरूरत है।


- यह मीटिंग नक्सल समस्या से निपटने की स्ट्रैटजी पर चर्चा के लिए बुलाई गई।


- राजनाथ ने बताया कि बीते 20 साल में नक्सल समस्या की वजह से देश में 12 हजार से ज्यादा जानें गई हैं।


- राजनाथ सिंह ने कहा कि सुकमा हमले के बाद केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी स्ट्रैटजी में बदलाव किया है।


- उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि पूरी ताकत और नई स्ट्रैटजी के साथ हम नक्सलियों का कामयाबी से सामना करेंगे। नक्सल समस्या का फौरन हल नहीं निकला जा सकता। इसका कोई शॉर्टकट भी नहीं है। इसे शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म तरीकों से सुलझाया जा सकता है।


- राजनाथ ने कहा, "मुझे भरोसा है कि विकास को रोकने और बंदूक की नोक पर लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कभी भी कामयाब नहीं होगी।"


- मीटिंग में हो मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स ने बताया कि मौजूदा वक्त में 90% नक्सली वारदात 35 जिलों में हो रही हैं।


- उन्होंने यह भी बताया कि 10 राज्यों के 68 जिले नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित हैं।


मीटिंग में तय हुईं ये बातें...


- ऑपरेशन की अगुआई राज्य करें पैरा मिलिट्री फोर्स मदद करेंगी।


- हर बटालियन के साथ यूएवी या मिनी यूएवी होनी चाहिए।


- इंटेलिजेंस एजेंसी और सिक्युरिटी फोर्सेस को लोकल पब्लिक के साथ नेटवर्क डेवलप करने की जरूरत है।


- फिलहाल यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) का इस्तेमाल काफी कम हो रहा है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।