आर्मी के आगे नवाज़ सरकार का समर्पण, भाई समेत दो मंत्रियों को समझौते के लिए भेजा

नई दिल्ली (29 अक्टूबर): अपने तख्तापलट की खबरों से डरी पाकिस्तान की सरकार सेना चीफ राहील शरीफ के तलवे चाट रही है। नवाज़ शरीफ ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अपने भाई शहबाज़ शरीफ के साथ-साथ गृहमंत्री चौधरी निसार अली और वित्तमंत्री इशाक डार को जनरल रहील शरीफ के पास भेजा। सूत्र बताते हैं कि नवाज़ शरीफ के भाई शहबाज़ शरीफ और दोनों मंत्रियों ने जनरल राहील शरीफ को फर्शी सलाम देकर नवाज़ शरीफ सरकार पर रहम करने की अपील की।

रावलपिंडी के आर्मी हाउस के हवाले से मीडिया में खबरें आयी हैं कि नवाज़ के भाई शहबाज़ और दोनों मंत्रियों ने जनरल राहील शरीफ  और उनके साथ बातचीत में शामिल आईएसआई की चीफ लेफ्टिेनेंट जनरल रिजवान अख्तर को भरोसा दिलाया कि नवाज़ सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठायेगी जिससे आर्मी की शान में कोताही होती हो। इसी के साथ हिजबुल मुजाहीदीन और जमात-उद-दावा के बारे में भी कोई बयान जारी न करने का वायदा लिया। इसके बाद पाकिस्तान की आईएसपीआर की ओर से एक स्टेटमेंट जारी किया गया कि सिविलिएन सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को राष्ट्रीय सुरक्षा में दरार वाली आरोपित रिपोर्ट से जुड़ी जांच में प्रगति से अवगत कराया।

इसी बयान के आखिर में यह भी कहा गया है कि सेना देश में राजनीतिक स्थिरता चाहती है। आईएसपीआर ने इस बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बैठक में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान के रुख को लेकर कोई चर्चा हुई या नहीं। इमरान खान ने सेना की ओर इशारा करते हुए कहा था कि 2 नवम्बर के बाद यदि कोई अन्य ताकत सत्ता में आती है तो इसके लिए नवाज़ शरीफ ही जिम्मेदार होंगे।